CM Yogi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर बोले योगी, बंगाल को लेकर दिया बड़ा संदेश

CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल को “पाकिस्तान के खूनी पंजों” से बचाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के प्रति समर्पित था। उन्होंने उन्हें “भारत माता का महान सपूत” और “प्रखर स्वतंत्रता सेनानी” बताते हुए कहा कि उनका योगदान आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जिस बंगाल को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने पाकिस्तान के खूनी पंजों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, आज उसी बंगाल में भारतीय जनता पार्टी उनके आदर्शों को मार्गदर्शक मानकर आगे बढ़ रही है। डबल इंजन सरकार उनके जीवन से जुड़े स्थलों के संरक्षण और विकास का कार्य कर रही है। उनकी 125वीं जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं।”

इस अवसर पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डॉ. मुखर्जी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1948 में डॉ. मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत औद्योगिक नीति आत्मनिर्भरता के सिद्धांत पर आधारित थी और आज प्रधानमंत्री मोदी उसी सोच के अनुरूप देश को नई दिशा दे रहे हैं।

वहीं, दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। उन्होंने कहा कि लगभग 75 वर्ष पहले जिस दृष्टिकोण को डॉ. मुखर्जी ने प्रस्तुत किया था, वह आज साकार हो चुका है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास और परिवर्तन की नई शुरुआत हुई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें भारत के महान राष्ट्रनिर्माताओं में से एक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन विद्वता, साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रतीक था। शिक्षा, औद्योगिक विकास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी देश के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्माने भी जयपुर में अपने आवास पर डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

कौन थे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी?

6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक शिक्षाविद, संसद सदस्य, राजनेता और राष्ट्रवादी विचारक थे। उनके पिता आशुतोष मुखर्जी कोलकाता विश्वविद्यालय के कुलपति और कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश रहे थे। वर्ष 1940 में वे हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष बने और भारत की पूर्ण स्वतंत्रता को संगठन का राजनीतिक लक्ष्य घोषित किया। बाद में उन्होंने जवाहरलाल नेहरू की अंतरिम सरकार में उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 21 अक्टूबर 1951 को उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जो आगे चलकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का वैचारिक आधार बना।

भाजपा हर वर्ष 23 जून को डॉ. मुखर्जी की पुण्यतिथि को ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाती है। वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर में उनका निधन हुआ था, जिसे पार्टी उनके राष्ट्रहित में दिए गए सर्वोच्च बलिदान के रूप में याद करती है।

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