Jammu Kashmir:अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को रामबन ज़िले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर चंदरकोट लंगर पॉइंट के पास, श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए जा रहे यात्रियों को ले जा रही दो जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (JKRTC) बसों और एक कार की टक्कर में कम से कम 18 यात्री घायल हो गए। सिविल प्रशासन, सेंट्रल रिज़र्व पुलिस फ़ोर्स CRPF, सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर बचाव अभियान चलाया, जिसके बाद सभी घायलों को इलाज के लिए ज़िला अस्पताल ले जाया गया।
CRPF के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल DIG मनीष कुमार सच्चर ने कहा कि सभी घायल यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें दूसरे काफ़िले में भेजा जा रहा है।
सच्चर ने बताया, “सुबह 7.21 बजे, दो बसें काफ़िले के साथ जा रही थीं। लगभग 18 यात्रियों को मामूली चोटें आईं। हम उन्हें रामबन अस्पताल ले गए। सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उन्हें दूसरे काफ़िले में भेजा जा रहा है।” रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इल्यास खान ने कहा कि यह हादसा तब हुआ जब यात्रा का काफ़िला चंदरकोट लंगर पॉइंट पर पहुँचा।
खान ने बताया, “सुबह करीब 7.20 बजे, जब पहलगाम यात्रा का काफ़िला चंदरकोट लंगर पॉइंट पर पहुँचा, तो दो SRTC बसों के बीच टक्कर हो गई। इस घटना में एक कार भी टकरा गई। अठारह लोग घायल हुए हैं।”
रामबन के चीफ़ मेडिकल ऑफ़िसर CMO डॉ. कमल जी ज़ादू ने कहा कि सभी घायल यात्रियों की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा, “कुछ गाड़ियाँ आपस में टकरा गईं, जिससे कुल 18 लोग घायल हो गए। कैंप में मौजूद हमारी मेडिकल टीम ने मौके पर ही इलाज और प्राथमिक चिकित्सा दी, जिसके बाद हमने उन्हें ज़िला अस्पताल भेज दिया। ज़िला अस्पताल में उनकी और जाँच-पड़ताल की गई और सभी की हालत स्थिर पाई गई। हमने सभी मरीज़ों को छुट्टी दे दी है।”
यह हादसा श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ामों के बीच हुआ है। यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिसमें नियमित रूप से रात में गश्त , क्विक रिस्पॉन्स टीम QRT की बढ़ी हुई पेट्रोलिंग और अहम जगहों पर गाड़ियों की सघन जाँच शामिल है। सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें बड़े पैमाने पर निगरानी और चेकिंग अभियान चला रही हैं, जिसमें रामबन ज़िले का बनिहाल इलाका भी शामिल है। CRPF ने नेशनल हाईवे-44 पर ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ ROP भी तैनात की हैं और तीर्थयात्रियों व स्थानीय लोगों को मेडिकल मदद देने के लिए रामबन के चंदरकोट में 24×7 मोबाइल हेल्थ कैंप लगाया है।
57 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 28 अगस्त को रक्षाबंधन के मौके पर समाप्त होगी।