Jammu: पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने पति से फोन पर हुई बातचीत का मीनाक्षी कुंदन थापा को एक एक शब्द याद है। मीनाक्षी के पति राज कुमार थापा की बतौर राजौरी के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त तैनाती, नियंत्रण रेखा के पास के ऐसे इलाके में थी जहां सीमा पार से भारी गोलाबारी हो रही थी।
परिवार में हुई एक मौत के बावजूद राज कुमार थापा ने छुट्टी लेकर घर लौटने से इनकार कर दिया। इस दरमियान ड्यूटी के दौरान काम करते हुए उनकी जान चली गई। एक साल बाद भी परिवार इस सदमे से उबरने के लिए जद्दोजहद कर रहा है।
गोलाबारी के दौरान नागरिकों की जान माल की हिफाजत करते हुए जान गंवाने वाले राज कुमार थापा को गए 10 मई को एक साल हो जाएंगे। डॉ. मीनाक्षी का कहना है कि जंग की कीमत आखिर में आम लोगों को ही चुकानी पड़ती है जो इस दौरान अपने प्रियजनों को खो देते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कड़े सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए जिससे पहलगाम जैसी आतंकी घटनाएं फिर ना हों ताकि भविष्य में जंग जैसी त्रासदी से बचा जा सके।