Tibet: चीन में भारतीय दूतावास ने तिब्बत-नेपाल सीमा क्षेत्र में 26 अगस्त को आए अचानक बाढ़ के बाद से लापता भारतीयों के परिवारों से अपील की कि वे उनकी पहचान में मदद के लिए डीएनए सैंपल दें। दूतावास की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय मिशन ने ये अपील तब की है, जब चीनी अधिकारियों ने पुष्टि की कि वे अब आपदा में लापता बताए गए भारतीय नागरिकों के परिवारों से डीएनए सैंपल लेने की स्थिति में हैं।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि जो परिवार डीएनए जानकारी देने के इच्छुक हैं, उनसे कहा गया है कि वे संबंधित डेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीओडीआईएस फॉर्मेट में जमा करें। दूतावास इस डेटा को मिलान के लिए संबंधित चीनी अधिकारियों को भेजेगा। इसमें कहा गया है, “अगर मिलान का सत्यापन हो जाता है, तो दूतावास को सूचित किया जाएगा और वे परिवार को जानकारी देंगे।” भारतीय मिशन ने कहा, “गायब विदेशी नागरिक के माता-पिता या जीवनसाथी और बच्चों से ब्लड सैंपल लिए जा सकते हैं (जहां भी संभव हो, कई बच्चों से सैंपल लिए जाने चाहिए।”
मिशन ने कहा, “अगर गायब व्यक्ति के माता-पिता या बच्चे जीवित नहीं हैं, तो कृपया भाई-बहनों से ब्लड सैंपल लें (सभी भाई-बहनों से सैंपल लेना बेहतर है। भारतीय मिशन ने कहा कि जरूरत पड़ने पर रिश्ते की जानकारी के साथ मां की तरफ के रिश्तेदारों (जैसे, मामा-मौसी के बच्चे) और पिता की तरफ के रिश्तेदारों (जैसे, चाचा-बुआ के बच्चे) से भी सैंपल लिए जा सकते हैं।
मिशन ने कहा, “ऊपर बताए गए सैंपल के लिए डीएनए एसटीआर डेटा जरूरी है; पुरुषों के मामले में, वाई-एसटीआर डेटा भी शामिल होना चाहिए। डेटा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीओडीआईएस फॉर्मेट में स्टोर किया जाना चाहिए।” दूतावास ने कहा कि सैंपल पर गायब व्यक्ति की राष्ट्रीयता, नाम और पासपोर्ट नंबर, परिवार के सदस्य का नाम और पासपोर्ट नंबर और सैंपल आईडी नंबर साफ-साफ लिखा होना चाहिए।
इसमें कहा गया है, “परिवार आगे की जानकारी के लिए भारत के दूतावास से इन टेलीफोन नंबरों +86 18514284905 या cons1.beijing@mea.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं। ये आपदा 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने (एवलांच) से शुरू हुई, जिससे भोटेकोशी नदी में पानी और मलबे का भारी सैलाब आ गया और उत्तरी व मध्य नेपाल में बस्तियां तबाह हो गईं।
रविवार को चीनी अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या 43 बताई, जबकि 519 लोग अभी भी लापता हैं। लापता लोगों में 261 विदेशी शामिल हैं, जिनमें से 49 भारत से हैं, मरने वाले और लापता अधिकतर विदेशी उस दुर्भाग्यपूर्ण इमिग्रेशन बिल्डिंग के आस-पास थे, जब वो बाढ़ की चपेट में आ गई।