Smit Machchhar: कैप्टन स्मित मच्छार की जान कैसे बची, इजराइली डेंटिस्ट ने 45 मिनट के इलाज का किया खुलासा

 Smit Machchhar:  इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान को-पायलट के हमले में कैप्टन स्मित मच्छार के सिर और हाथ से बहुत ज्यादा खून बहने लगा था; विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट की लगातार 45 मिनट की कोशिशों की वजह से ही उनकी जान बच पाई। इज़राइल में रहने वाले जॉर्जियाई डेंटिस्ट डॉ. शुता मुसायेव ने मच्छार की हालत को स्थिर करने के लिए जुगाड़ से बनाए गए प्रेशर ड्रेसिंग और आइस पैक का इस्तेमाल किया; मच्छार की नब्ज़ खतरनाक हद तक गिर गई थी।

मूसायेव ने उस समय के मेडिकल संकट के बारे में बताया जब को-पायलट और ओमान के नागरिक हमम अल-हम्मामी ने 170 से ज़्यादा यात्रियों वाले विमान को क्रैश करने की कोशिश में मच्छार पर चाकू से हमला किया था। मच्छार, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने “हीरो” कहा है, संयुक्त अरब अमीरात के एक अस्पताल में “लगातार ठीक हो रहे हैं” और “उनकी सेहत में सुधार हो रहा है”। उस मनहूस दिन मच्छार कॉकपिट के फर्श पर घायल पड़े थे, तभी उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है और उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए “एक आखिरी कोशिश” करने का फैसला किया।

मूसायेव ने बताया कि चीखें सुनकर वे तेजी से आगे बढ़े, हमलावर को काबू करने में मदद की और फिर बुरी तरह घायल और खून से लथपथ कैप्टन का इलाज किया। उन्होंने कहा, “मैं सोच रहा था कि मैं इस स्थिति में सभी (यात्रियों और पूरे विमान) की कैसे मदद कर सकता हूं? और मैंने देखा कि एक पायलट फर्श पर पड़ा है… और खून बह रहा है।” एक और यात्री यानीव हायुन ने संदिग्ध को कॉकपिट से बाहर खींचा, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे सीधा किया, जिसके बाद तीसरे पायलट ने फ्लाइट का कंट्रोल संभाला।

हमलावर के काबू में आने के बाद, मूसायेव ने बताया कि उन्होंने तुरंत पायलट पर ध्यान दिया, जिनके सिर, गर्दन और हाथों पर लगे जख्मों से खून बह रहा था। मूसायेव ने बताया कि उन्होंने खून बहना रोकने के लिए जख्मों पर दबाव डालना शुरू किया। तेल अवीव के दक्षिण में स्थित शहर होलोन से ‘द नेशनल’ से बात करते हुए डेंटिस्ट ने कहा, “उनके सिर और बाएं हाथ से बहुत ज्यादा खून बह रहा था।”

मूसायेव ने बताया कि उन्होंने जख्मों को दबाने के लिए टी-शर्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन खून बहना बंद नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “मैंने स्टीवर्ड्स से बर्फ मांगी।” मूसायेव ने कहा, “उन्हें बहुत गहरे घाव थे और हमें कई बर्फ के पैकेट की जरूरत थी। लेकिन हर बार जब मैं खून देखने के लिए टी-शर्ट हटाता तो खून और ज्यादा बहने लगता। इसलिए मैंने बहुत जोर से नहीं बल्कि बर्फ के साथ दबाव डाला। पूरे 45 मिनट तक मैंने दबाव बनाए रखा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने उससे कहा, ‘प्लीज सोना मत, हमें तुम्हारी जरूरत है।’ मैंने पूछा कि उसके कितने बच्चे हैं और उनके नाम क्या हैं। मैं उससे कहता रहा, ‘डरो मत, तुम अपने परिवार के पास वापस जाओगे, हम जल्द ही लैंड करने वाले हैं,'” डेंटिस्ट ने बताया कि पायलट ने अपना नाम और उम्र बताई, कहा कि वो दुबई में रहता है और भारत से है और दर्द कम करने के लिए मदद मांगी।

मुसायेव ने कहा कि उन्होंने पायलट से कहा, “सब ठीक हो जाएगा।” “उसने मुझसे कहा, ‘मेरी मदद करो, प्लीज। मेरी मदद करो, प्लीज़। मैं यहां मरना नहीं चाहता।'” मुसायेव ने कहा, “उसे बुरी तरह चोट लगी थी और वह कहता था, ‘मेरे हाथों में गर्मी महसूस हो रही है।’ मैं उसे दिलासा देता रहा कि वह ठीक हो जाएगा।” जब मच्छार की हालत बिगड़ने लगी, तो डेंटिस्ट ने उसके पैर ऊपर उठाए। मुसायेव ने कहा, “एक समय उसकी पल्स बहुत कम हो गई थी, इसलिए मैंने उसके पैर ऊपर उठाए और पल्स वापस आ गई।” “जब मैंने देखा कि उसके होंठ नीले पड़ गए हैं, तो मैंने स्टीवर्ड से कहा, ‘हमें जल्दी लैंड करना होगा। उसके पास ज़्यादा समय नहीं बचा है’।”

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मच्छर को पेनकिलर मांगते हुए सुना जा सकता है। मुसायेव ने उसे थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाया और ज्यादा खून बहने की वजह से उसे गोली न देने का फैसला किया। उन्होंने कहा, “वो पीठ के बल लेटा हुआ था और मैंने उसे उठाने में हिचकिचाहट दिखाई क्योंकि मैं नहीं चाहता था कि दोबारा खून बहने लगे। उसे हिलाना या दवा देना खतरनाक हो सकता था। स्टीवर्ड उसे दवा देना चाहते थे लेकिन मैं सहमत नहीं था।” जिंदा रखने के लिए मुसायेव लगातार मच्छार की हालत (वाइटल साइन्स) पर नजर रखे हुए थे। मुसायेव ने कहा, “अगर वह बात करता है, सोता नहीं है, उसकी पल्स, होंठों का रंग – ये सब संकेत थे जिनसे मैं उसकी हालत समझ रहा था।”

उन्होंने बताया कि जब तक प्लेन सऊदी अरब में लैंड नहीं हुआ, तब तक एक छोटा ग्रुप और आतंकवादियों की तलाश और जांच कर रहा था। सऊदी अरब पहुंचने पर मुसायेव ने कैप्टन को जमीन पर मौजूद डॉक्टरों को सौंप दिया और जल्दी से विदा लेते हुए कहा: “गुड लक, मेरे दोस्त। सब ठीक हो जाएगा।” मुसायेव ने बताया कि घटना के बाद के दिनों में उन्हें और उनकी पत्नी को ‘पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस’ (सदमे के बाद का तनाव) का सामना करना पड़ा।

डेंटिस्ट ने आगे कहा, “स्मित ने हमारी जान बचाई। स्मित एक हीरो हैं और मेरे परिवार व सभी यात्रियों को बचाने के लिए उन्होंने जो कुछ भी किया, उसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं। ये कर्म का फल है; उन्होंने हमारी जान बचाई और हमने उनकी जान बचाई।”  यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया कि मच्छार “लगातार ठीक हो रहे हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।”

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