Nepal Floods: नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा जिले में राहत टीमों के लिए प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। भोटेकोशी कॉरिडोर पर बने कई अहम पुल और उनकी नींव पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। इससे सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया है।
26 अगस्त के बाद से रसुवा पहुंचने के लिए काठमांडू से टोखा, छाहरे और धुन्चे होते हुए एक संकरा अस्थायी कच्चा रास्ता इस्तेमाल किया जा रहा है लेकिन यह रास्ता केवल छोटे चार पहिया वाहनों के लिए ही ठीक है।
पंजाब का एनजीओ सिख एड, भोजन, पानी और दूसरे जरूरी सामान लेकर रसुवा की ओर बढ़ रहा है। बचाव और राहत प्रयासों के बीच, ऐसे परिवार भी हैं जो अभी भी अपने उन प्रियजनों की तलाश कर रहे हैं जो वापस नहीं लौटे हैं।
नेपाल में जारी राहत कार्यों के बीच नेपाल में अचानक आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या सोमवार को बढ़कर 900 से ज्यादा हो गई जबकि 4200 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ की वजह नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टान का गिरना या हिमस्खलन मानी जा रही है। बाढ़ से सबसे ज्यादा तबाही भोटेकोशी नदी के किनारे इलाकों में हुई।इससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गए और पनबिजली परियोजनाएं भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।