Nepal: नेपाल के मनांग जिले में जबरदस्त भूस्खलन हुआ, जिससे मलबा मर्स्यांगदी नदी में जा गिरा, इस कारण नदी का कुछ हिस्सा कुछ देर के लिए अवरुद्ध हो गया था। हिमालयी देश में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन को देखते हुए अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है।
भूस्खलन के मलबे के कारण नदी के कुछ हिस्से कुछ घंटों तक बंद रहा और फिर बिना किसी बड़े नुकसान के हालात खुद-ब-खुद सामान्य हो गए। देश अभी भी पिछले महीने तिब्बत सीमा के पास आई भयानक अचानक बाढ़ से उबर रहा है। हिमालयी सीमावर्ती इलाके से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ का पानी अपने साथ नीचे ले आई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए और पनबिजली परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा।
26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में कम से कम 1,453 लोगों की मौत हो गई और 5,000 से ज्यादा लोग लापता हो गए। नेपाल में भारी मानसूनी बारिश के कारण अक्सर भूस्खलन हो रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में देश भर में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
रविवार को उत्तरी और पश्चिमी नेपाल के पाल्पा, मनांग और मुस्तांग जिलों में भूस्खलन के कारण अन्य नदियां भी अवरुद्ध हो गईं, हालांकि इसका असर ज्यादा नहीं हुआ क्योंकि कुछ घंटों बाद अवरुद्ध नदियां साफ हो गईं। गंडकी प्रांत के बाग्लुंग में उफनती काली गंडकी नदी और उससे हो रहे कटाव को देखते समय 55 साल का एक शख्स चट्टान से गिरकर मर गया।
पुलिस के अनुसार मौके पर ही उसकी मौत हो गई और घटना की जांच चल रही है। अधिकारियों ने बताया कि पाल्पा जिले में बीते शनिवार को भूस्खलन के कारण एक घर के मलबे में दबने से पांच लोगों की मौत हो गई, अधिकारियों ने बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है क्योंकि बारिश जारी है।