NASA Moon Base: नासा अब केवल चांद पर जाकर लौटने की नहीं, बल्कि वहां रुकने की योजना बना रहा है।
तीन चरणों में पूरी होगी योजना
चंद्र मिशन आर्टेमिस टू की सफलता के बाद, नासा ने चंद्रमा पर एक स्थायी बेस बनाने लिए 20 अरब डॉलर की एक योजना तैयार की है। इसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण– रोबोटिक मिशन
पहले चरण में नासा चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोबोटिक मिशन भेजेगा। ब्लू ओरिजिन समेत दूसरी निजी कंपनियां लैंडर, उपकरण और वैज्ञानिक उपकरण पहुंचाएंगी। इस मिशन में लैंडिंग प्रणालियों का परीक्षण और चंद्रमा की सतह का अध्ययन होगा।
दूसरा चरण– मानव-युक्त आर्टेमिस मिशन
दूसरे चरण में, मानव-युक्त आर्टेमिस मिशन लॉन्च करने की योजना है। इसमें इस दशक के अंत तक चंद्रमा पर पहली लैंडिंग का लक्ष्य है। अंतरिक्ष यात्रियों के साथ-साथ, रोवर, कार्गो और प्रमुख प्रणालियां सतह पर होने वाले कार्यों में मदद करेंगी। साथ ही बिजली और गतिशीलता प्रणालियों जैसा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा स्थापित करेंगी।
तीसरा चरण– एक स्थायी बेस
तीसरा चरण 2029 में शुरू करने का लक्ष्य है। इस दौरान नासा की योजना स्थायी बेस बनाने की है, जिसमें रहने की जगहें, पावर ग्रिड और चंद्रमा पर इंसानों की निरंतर मौजूदगी को बनाए रखने के लिए डिजाइन किए गए दीर्घकालिक सिस्टम शामिल होंगे।
भविष्य के मिशनों की ओर पहला कदम
नासा का लक्ष्य केवल चंद्रमा पर जाना नहीं, बल्कि वहां रहना और भविष्य में मंगल ग्रह पर होने वाले अभियानों के लिए इसे एक पड़ाव के रूप में इस्तेमाल करना है।