NASA: नासा का सबसे नया और खास टेलीस्कोप दूसरे तारों के आस-पास ग्रहों की खोज करने, रहस्यमयी डार्क एनर्जी का पता लगाने और ब्रह्मांड का अब तक का सबसे बेहतरीन सर्वे करने के लिए रवाना हुआ।
स्पेसएक्स ने सुबह-सुबह कैनेडी स्पेस सेंटर से बहुत ज्यादा ताकत वाले फाल्कन हेवी रॉकेट के जरिए 4.3 अरब डॉलर की लागत वाले रोमन स्पेस टेलीस्कोप को लॉन्च किया। रोमन टेलीस्कोप 10 लाख मील (16 लाख किलोमीटर) दूर उस ऑब्जर्वेशन पॉइंट की ओर तेजी से बढ़ा, जहां नासा का एक और बड़ा टेलीस्कोप, वेब स्पेस टेलीस्कोप, पहले से मौजूद है।
बस के आकार का यह टेलीस्कोप – जिसका नाम नासा की पहली मुख्य खगोलशास्त्री नैन्सी ग्रेस रोमन के नाम पर रखा गया है- अपनी मंजिल तक पहुंचने में तीन महीने से ज्यादा का समय लेगा। वहां पहुंचने के बाद, यह अंतरिक्ष से ब्रह्मांड के छिपे हुए हिस्सों पर अब तक की सबसे व्यापक नजर डालेगा और रफ्तार से ऐसी चीजों का पता लगाएगा जिनकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।
रोमन का ‘फील्ड ऑफ व्यू’ (देखने का दायरा) नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप से 100 गुना ज्यादा बड़ा है। बता दें कि हबल 36 साल से कक्षा में रहने के बावजूद अभी भी अंतरिक्ष की शानदार तस्वीरें भेज रहा है। वेब टेलीस्कोप कुछ साल पहले इस काम में शामिल हुआ था, इसकी नजर बहुत संकरी लेकिन एकदम सटीक है और यह उन चीजों को भी जूम करके देख सकता है जो ब्रह्मांड को बनाने वाले ‘बिग बैंग’ जितनी ही पुरानी हैं।
ये तीनों शक्तिशाली टेलीस्कोप – यूरोपियन स्पेस एजेंसी के यूक्लिड स्पेसक्राफ्ट और चिली में नेशनल साइंस फाउंडेशन की वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी के साथ मिलकर – ब्रह्मांड के कुछ सबसे बड़े रहस्यों को उजागर करेंगे।