London: लंदन में सीजेपी आंदोलन की गूंज; अलग-अलग समूहों द्वारा विरोध और जवाबी प्रदर्शन

London:  लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह इकट्ठा हुआ, ये प्रदर्शन ‘स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई) ब्रिटेन द्वारा आयोजित किया गया था। वहीं, भारतीय सरकार के समर्थकों का एक छोटा समूह भी वहां पहुंचा और ‘जवाबदेही और पारदर्शिता’ की मांग करते हुए, छात्रों के ‘स्टैंड इन सॉलिडेरिटी’ (एकजुटता प्रदर्शन) के विरोध में अपना प्रदर्शन किया।

ये प्रदर्शन, इस हफ्ते की शुरुआत में लंदन में ‘इंडिया हाउस’ के बाहर हुए एक ‘आपातकालीन विरोध प्रदर्शन’ (इमरजेंसी प्रोटेस्ट) के बाद हुआ है। उस प्रदर्शन का मकसद सीजेपी की मांगों को उठाना था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और भारत में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) को रद्द करने की मांग शामिल थी। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कई अधिकारियों ने दोनों समूहों को एक-दूसरे से अलग रखा। दोनों तरफ के लोग तिरंगा लहरा रहे थे और उनके बीच कुछ सीढ़ियां थीं, जो दोनों समूहों को अलग कर रही थीं।

छात्रों के समूह की ओर से ‘आजादी’ और ‘सारे जहां से अच्छा’ के नारे लगाए जा रहे थे, जबकि दूसरी तरफ सरकार समर्थकों का समूह प्रधानमंत्री का एक बड़ा कट-आउट लहराते हुए ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी, मोदी’ के नारे लगा रहा था। एसएफआई ब्रिटेन ने एक बयान में कहा, “हम वोटों को हटाए जाने को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम पुलिस की हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम यहां भारतीय लोकतंत्र की रक्षा के लिए आए हैं।”

वहां मौजूद कई वक्ताओं ने भीड़ को संबोधित किया और उनसे कहा कि वे विरोधी समूह को ‘जय भीम’ और ‘शेम’ (शर्म करो) के नारों से जवाब दें। इस बीच सरकार समर्थक समूह ने भी लाउडस्पीकर के जरिए अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश की और ‘शेम’ जैसे नारे लगाए। इस समूह में लंदन में रहने वाले उद्यमी राहुल काले भी शामिल थे, जिनके भारत के साथ गहरे व्यावसायिक संबंध हैं।

काले ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ब्रिटेन के साथ महत्वपूर्ण मुक्त व्यापार समझौता करके वैश्विक व्यापार का विस्तार किया है, जिससे निर्यात के नए अवसर खुले हैं।” उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि प्रदर्शनकारियों को ये समझना चाहिए कि लंदन में बिना किसी ठोस वजह के किए जा रहे ये प्रदर्शन निवेशकों के भरोसे को कम करते हैं और बेवजह घबराहट पैदा करते हैं।”

ब्रिटेन में ‘इंडियन डायस्पोरा इन द यूके’ (आईडीयूके) के संस्थापक-निदेशक हिरदेश गुप्ता ने कहा, “आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना अटूट विश्वास जताने के लिए भारतीय उच्चायोग में इकट्ठा हुए हैं, जो भारत की प्रगति और समृद्धि के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं।” आने वाले दिनों में लंदन में और भी प्रदर्शन और उनके जवाब में अन्य प्रदर्शन होने की योजना है।

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