Indian sailors: भारत ने कहा कि उसने 22 भारतीय नाविकों वाले दो वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण का मुद्दा सोमालिया के अधिकारियों के समक्ष उठाया है। केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि एमटी सिबू पर 16 और एमवी लुतुफ पर छह भारतीय नाविकों के सवार होने की जानकारी मिली है।
उच्चायोग ने कहा, “सभी भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की खबर है। हम भारतीय नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।” भारतीय मिशन ने कहा, “हमने सोमालिया के संबंधित अधिकारियों के समक्ष एमटी सिबू (इरीट्रिया के ध्वज वाला) और एमवी लुतुफ (कैमरून के ध्वज वाला) जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों का मुद्दा उठाया है।”
भारत ने सोमालिया के अधिकारियों के समक्ष उन दो वाणिज्यिक जहाजों के अपहरण का मुद्दा उठाया है, जिन पर कुल 22 भारतीय नाविक सवार हैं। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जहाजों पर मौजूद सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित बताए जा रहे हैं। भारतीय उच्चायोग ने बताया कि एमटी सिबू पर 16 और एमवी लुतुफ पर छह भारतीय नाविक सवार हैं। उच्चायोग ने सोमालिया के संबंधित अधिकारियों के साथ यह मामला उठाया है और कहा कि भारतीय नाविक समुदाय की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
दो अलग-अलग घटनाओं में हुआ अपहरण
रिपोर्ट के अनुसार, कैमरून के झंडे वाला एमवी लुतुफ 17 अगस्त को सोमालिया के पुंटलैंड तट के पास समुद्री लुटेरों के कब्जे में चला गया। इस जहाज पर 10 सदस्यीय चालक दल था, जिसमें छह भारतीय शामिल थे। सशस्त्र लुटेरों ने जहाज पर कब्जा कर लिया और उसे सोमालिया के तट की ओर ले गए।
वहीं, इरिट्रिया के झंडे वाला एमटी सिबू 1 20 अगस्त को यमन के तट से करीब 30 समुद्री मील दूर अदन की खाड़ी में अपहृत किया गया। जहाज पर 20 सदस्यीय चालक दल था, जिसमें 16 भारतीय नागरिक शामिल थे।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर
विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों जहाजों पर मौजूद सभी 22 भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की सूचना है। भारत ने संबंधित देशों और अधिकारियों के साथ समन्वय बढ़ाया है ताकि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इन घटनाओं ने सोमालिया और अदन की खाड़ी के आसपास समुद्री डकैती के दोबारा बढ़ते खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में बढ़ती अस्थिरता के बीच वाणिज्यिक जहाजों और उन पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक अहम मुद्दा बन गई है