Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कतर के शाही परिवार द्वारा उपहार में दिए गए अत्याधुनिक बोइंग 747 विमान में पहली बार उड़ान भरी। इस विमान को अपग्रेड कर नए एयर फ़ोर्स वन के रूप में तैयार किया गया है। नॉर्थ डकोटा में थियोडोर रूज़वेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने के बाद ट्रंप इस विमान से जॉइंट बेस एंड्रूज़ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने विमान की जमकर तारीफ की और इसे अब तक का सबसे बेहतरीन वाणिज्यिक विमान बताया।
ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि यह अब तक बनाया गया सबसे शानदार कमर्शियल विमान है। मैंने बोइंग से पूछा था कि उनका सबसे अच्छा विमान कौन-सा है, तो उन्होंने कहा कि यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ विमान है। इसे उड़ाने का सौभाग्य मुझे मिला है।”
करीब 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,300 करोड़ रुपये) मूल्य के इस विमान को लेकर अमेरिका में कानूनी, नैतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई सवाल भी उठे हैं। विमान को नया रंग-रूप दिया गया है, जिसमें सफेद, लाल और नेवी ब्लू रंगों का इस्तेमाल किया गया है। इसका डिज़ाइन ट्रंप के निजी विमान से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास मौजूद पुराना एयर फ़ोर्स वन 35-36 साल पुराना हो चुका था और आधुनिक विमानों के सामने वह देश की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं दिखता था। उन्होंने कहा, “अमेरिका जैसे देश के पास ऐसा विमान होना चाहिए। हमें इस पर गर्व है और देश को भी इस पर गर्व होना चाहिए। यह बेहद खूबसूरत विमान है।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि अमेरिका खुद ऐसा विमान बनाता तो इसकी लागत कहीं अधिक होती। ट्रंप के मुताबिक, “यह कतर की ओर से मिला उपहार है, जो मध्य पूर्व में हमारा महत्वपूर्ण सहयोगी है। बोइंग ने भी कहा कि कतर के पास मौजूद यह विमान अपनी तरह का अनोखा विमान है। सच कहूं तो हम शायद ऐसा विमान खुद नहीं बना सकते, क्योंकि इसके लिए जितना खर्च करना पड़ता, उतना करने को हम तैयार नहीं होते।”
इससे पहले 19 मई को व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने स्पष्ट किया था कि यह विमान राष्ट्रपति ट्रंप को व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि अमेरिकी वायुसेना को दान किया गया है।
लेविट ने कहा, “कतर सरकार और शाही परिवार ने यह विमान अमेरिकी वायुसेना को देने की पेशकश की है। यह दान सभी कानूनी और नैतिक मानकों के अनुरूप स्वीकार किया जाएगा। रक्षा विभाग और अमेरिकी वायुसेना इसे उच्चतम सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार करेंगे। यह राष्ट्रपति को दिया गया निजी उपहार नहीं है, बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका और उसकी वायुसेना को दिया गया योगदान है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विमान को सेवा में शामिल करने की समयसीमा और तकनीकी प्रक्रियाओं की जिम्मेदारी अमेरिकी वायुसेना की होगी।