CJI: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रत्येक भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। उनका यह बयान चुनाव आयोग के खिलाफ INDIA गठबंधन के प्रस्तावित मार्च के बीच आया है।
INDIA गठबंधन की ओर से मुलाकात के अनुरोध पर सीजेआई ने कहा कि उन्हें एक पत्र मिला था, जिसका जवाब उन्होंने उसी रात दे दिया था। जवाब में उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात नहीं कर पाने के कारणों को स्पष्ट किया था। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के 33वें स्थापना दिवस समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, “मुझे कल मुलाकात के अनुरोध के संबंध में एक पत्र मिला था। मैंने कल रात ही उसका जवाब दे दिया था और उसमें उन कारणों का उल्लेख किया था, जिनकी वजह से मैं मुलाकात नहीं कर पाऊंगा।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी नागरिक या निर्वाचित प्रतिनिधि अदालत का रुख कर कानूनी राहत मांग सकता है। सीजेआई ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। किसी भी आम नागरिक या निर्वाचित निकाय के सदस्य की याचिका का स्वागत है। प्रत्येक भारतीय नागरिक को अदालत का दरवाजा खटखटाने का अधिकार है। हम उनकी चिंताओं को सुनेंगे और कानून के तहत जो भी उचित होगा, वह राहत प्रदान करेंगे।”
चुनावी अनियमितताओं के आरोपों पर याचिका दाखिल करने की सलाह-
इससे पहले, सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने INDIA गठबंधन के नेताओं की उस मांग को स्वीकार नहीं किया था, जिसमें वे कथित चुनावी अनियमितताओं के संबंध में अपना ज्ञापन सौंपने के लिए उनसे मुलाकात करना चाहते थे। सीजेआई ने कहा था कि चूंकि मामला पहले से ही न्यायिक विचाराधीन है, इसलिए विपक्षी नेताओं को ज्ञापन सौंपने के बजाय याचिका दाखिल कर अदालत का रुख करना चाहिए।
इस घटनाक्रम से परिचित लोगों के अनुसार, मुलाकात से इनकार करने के कारणों को स्पष्ट करते हुए विपक्षी नेताओं को ईमेल के जरिए विस्तृत जवाब भेजा गया है। सूत्रों के मुताबिक, जवाब में इस बात पर जोर दिया गया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और उनके प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए मुद्दों का समाधान प्रशासनिक माध्यम से ज्ञापन सौंपने के बजाय न्यायिक कार्यवाही के जरिए अधिक उचित तरीके से किया जा सकता है।
चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेगा INDIA गठबंधन-
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इसी विरोध के तहत INDIA गठबंधन के नेता सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने वाले हैं, विपक्षी गठबंधन लगातार चुनाव आयोग से कथित अनियमितताओं पर जवाब मांग रहा है।
मध्य दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, कई मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध-
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। 12 अक्टूबर 2026 को सुरक्षा कारणों से कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शाम 4 बजे तक बंद रहने की जानकारी दी गई है। मंडी हाउस के पास बाराखंभा रोड पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं।