Britain: ब्रिटेन में अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज, पारे के 32.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से टूटा रिकॉर्ड

Britain:  ब्रिटेन में मई महीने के अब तक के सबसे गर्म दिन का रिकॉर्ड बीते सोमवार को टूट गया, जब तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया। इसने मई 1944 में दर्ज किए गए 32.8 डिग्री सेल्सियस के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। मौसम विज्ञान कार्यालय का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी, इसके चलते वसंत ऋतु के लिए पड़ने वाला वार्षिक मई बैंक हॉलिडे सोमवार, ब्रिटेन में पिछले कई सालों का सबसे उमस भरा लंबा सप्ताहांत बन गया है

ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है, जिसमें 65 साल से अधिक आयु के व्यक्तियों या श्वसन और हृदय संबंधी रोगों जैसी पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित लोगों के लिए जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी गई है। वर्तमान में जारी भीषण गर्मी का उच्चतम तापमान दक्षिण-पश्चिम लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर दर्ज किया गया। देश के सभी हिस्से बढ़ते तापमान से बुरी तरह प्रभावित हैं।

यूकेएचएसए ने गर्म मौसम के दौरान सुरक्षित रहने के लिए लोगों को कुछ “सरल उपाय” सुझाए हैं, जिनमें धूप की ओर वाले कमरों की खिड़कियां और पर्दे बंद करके घर को ठंडा रखना और टोपी व धूप के चश्मे जैसे उपयुक्त कपड़े पहनना;
साथ ही छाया में रहना और नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाना शामिल हैं।

यूकेएचएसए की हीट अलर्ट प्रणाली एक प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली है जो स्वास्थ्य और सामाजिक देखभाल सेवाओं को गर्मी के महीनों में तापमान बढ़ने के साथ-साथ आगे की चेतावनियों के लिए तैयार रहने के लिए सचेत करती है, जिसके लिए अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत होगी। लंदन का तापमान यूरोप के कुछ सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों, जैसे फ्रांस का पेरिस, ग्रीस का एथेंस, स्पेन का मैड्रिड और इटली का रोम, के तापमान को भी मात देने की राह पर है।

ब्रिटेन के मौसम विभाग के वैज्ञानिकों द्वारा पिछले वर्ष प्रकाशित एक जलवायु परिवर्तन विश्लेषण अध्ययन के अनुसार मई में दर्ज किए गए रिकॉर्ड तोड़ तापमान के जलवायु परिवर्तन के कारण होने की संभावना अन्य कारणों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। उन्होंने पाया कि मानव द्वारा उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों के प्रभाव के कारण मई में सबसे गर्म दिन का रिकॉर्ड टूटना अब 33 सालों में एक बार होने वाली घटना बन गई है, जबकि सामान्य तौर पर यह लगभग 100 सालों में एक बार होने वाली घटना होती है।

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