America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रिश्तों में तनाव के बीच जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से मांगा समर्थन

America: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स में होने वाली बैठक में यूरोपीय देशों का समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगे। जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को नहीं मानेगा, जिसमें रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमला न करने के लिए कहा गया था।

पिछले हफ्ते से यूक्रेन की राजधानी कीव और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूस पर लगे प्रतिबंधों में ढील देना है। इसके बदले रूस ने दुनिया के बाजारों में बड़ी मात्रा में डीजल भेजा है। अमेरिका की ओर से दिए गए एक अहम सैटेलाइट सिस्टम के बंद होने से यूक्रेन में नाराजगी बढ़ गई है। इस सिस्टम के काम नहीं करने से यूक्रेनी सेना के लिए रूस की भारी बमबारी का जवाब देना मुश्किल हो गया है।

जेलेंस्की ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा कि यूक्रेन अब रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले नहीं रोकेगा। उन्होंने कहा कि रूस ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर हमले न करने के उस समझौते का पालन नहीं कर रहा था, जिसकी घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी। इसके जवाब में, ट्रंप ने यूक्रेन के नए हमलों को “शर्मनाक” बताया और कहा कि कीव वैश्विक ऊर्जा कीमतों को बढ़ा रहा है।

अमेरिकी नेता ने गुरुवार को ‘न्यूजमैक्स’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुकाबले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से बातचीत करना ज्यादा मुश्किल है। इसके उलट, यूरोपीय नेताओं ने ज़ेलेंस्की का काफी हद तक समर्थन किया है। वे यूक्रेन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बिगड़ते रिश्तों से पैदा हुए नए तनाव को संभालने की कोशिश कर रहे हैं।

यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से मुलाकात के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि यूक्रेन को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी सभी मदद और संसाधन मिलना बहुत जरूरी है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने सोशल मीडिया पर कहा कि यूक्रेन के लोग और राष्ट्रपति जेलेंस्की अकेले नहीं हैं। उन्होंने यूक्रेन को भरोसा दिलाया कि मुश्किल समय में पोलैंड उनके साथ खड़ा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को ब्रुसेल्स में नाटो प्रमुख मार्क रुटे से मुलाकात की। उन्होंने यूरोपीय नेताओं के साथ भी कई बैठकें कीं। इसके अलावा, जेलेंस्की शुक्रवार को यूरोपीय संघ के शिखर सम्मेलन में भी शामिल होंगे। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूरोप के सभी देश चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए रूस पर और ज्यादा दबाव डालना होगा और यूक्रेन को अपनी रक्षा के लिए अधिक मदद देनी होगी।

ब्रसेल्स में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात के दौरान जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने यूक्रेन के लुत्स्क शहर में ऊर्जा से जुड़े ठिकानों पर फिर से ड्रोन हमला किया है। इस हमले के कारण शहर में बिजली गुल हो गई। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर लिखा कि रूस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस स्टारलिंक सैटेलाइट सेवा में आ रही दिक्कतों का फायदा उठाकर यूक्रेन की आम जिंदगी से जुड़ी जरूरी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा रहा है।

इस बीच, रूस ने यूक्रेन पर आरोप लगाया है कि उसने तेल रिफाइनरियों पर फिर से हमले शुरू करके अमेरिका की शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचाया है। रूसी अधिकारियों के मुताबिक, मॉस्को के दक्षिण में स्थित एक तेल रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया गया। इस हमले के बाद वहां आग लग गई। हाल के महीनों में रूस ने यूक्रेन और उसकी राजधानी कीव पर हमले तेज कर दिए हैं। इन हमलों में आम नागरिकों की मौत और घायल होने के मामले बढ़ रहे हैं। साथ ही, लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *