America: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने कहा कि उसे अमेरिका में ‘ग्रीन कार्ड’ कार्यक्रम पर की गई कार्रवाई से अपनी कार्यबल रणनीति या ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ने की आशंका नहीं है। देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा कंपनी ने कहा कि इसकी मुख्य वजह यह है कि पिछले दो वर्ष में इस कार्यक्रम के तहत उसके आवेदन की संख्या इकाई अंक में रही है। साथ ही उसका ध्यान स्थानीय लोगों को नौकरी देने पर है।
अमेरिका ने गुरुवार को टीसीएस, इन्फोसिस, विप्रो, कॉग्निजेंट और माइक्रोसॉफ्ट समेत आठ आईटी कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ के आवेदन से जुड़े एक कार्यक्रम से निलंबित कर दिया। अमेरिका का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण अमेरिकी नागरिकों को रोजगार के अवसर नहीं मिल पाए हैं। टीसीएस ने बयान में कहा, ‘‘पिछले दो वर्ष में हमारे ‘स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम’ (पीईआरएम) आवेदन की संख्या इकाई अंक में रही है। इसलिए हमें नहीं लगता कि कार्यक्रम के निलंबन से हमारी कार्यबल रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर असर पड़ेगा।’’
टीसीएस ने कहा, ‘‘हमने अमेरिकी सरकार की ओर से ‘स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम’ के संबंध में की गई घोषणा पर गौर किया है और कंपनी श्रम मंत्रालय के किसी भी निर्देश का पालन करेगी। अमेरिका में हमारी कार्यबल रणनीति स्थानीय प्रतिभाओं को नौकरी देने पर आधारित है, जिसे परिसरों से भर्ती की मजबूत व्यवस्था का समर्थन हासिल है।’’
टीसीएस ने कहा कि पहले की गई घोषणा के मुताबिक, उसका अपने स्थानीय कार्यबल को और मजबूत करने के लिए अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15,000 और लोगों को नौकरी देने का इरादा है। अमेरिका द्वारा प्रमुख भारतीय कंपनियों समेत आठ प्रौद्योगिकी कंपनियों को ‘ग्रीन कार्ड’ से जुड़े एक अहम कार्यक्रम से निलंबित किए जाने के बाद उद्योग संगठन नैसकॉम ने कहा कि आव्रजन और कुशल प्रतिभाओं की आवाजाही ‘‘दो अलग-अलग मुद्दे’’ हैं और इन्हें एक ही नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।