America: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल और ईरान ने फिलहाल एक सप्ताह तक एक-दूसरे के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई न करने पर सहमति जताई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि तेहरान के साथ चल रही वार्ताएं सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं और आने वाले कुछ दिनों में एक महत्वपूर्ण समझौता संभव है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह समझौता ईरान को किसी भी रूप में परमाणु हथियार विकसित करने से रोक देगा। ट्रंप ने कहा, “हम एक बेहद अच्छे समझौते के अंतिम दौर में हैं, जो किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियारों की अनुमति नहीं देगा। समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज जलडमरूमध्य तत्काल खोल दिया जाएगा। यह अगले दो या तीन दिनों में भी संभव हो सकता है।”
उन्होंने दोहराया कि जब तक अंतिम समझौते पर औपचारिक मुहर नहीं लग जाती, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ी निगरानी और आर्थिक दबाव की नीति जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि ईरानी शासन पर अधिकतम आर्थिक दबाव बनाए रखने के लिए तेल और अन्य व्यापारिक गतिविधियों को नियंत्रित रखा जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत लगातार जारी है और अगले एक-दो दिनों में स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकती है। उनके अनुसार, “बातचीत अच्छी दिशा में आगे बढ़ रही है और मौजूदा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी है।”
मध्य पूर्व में हालिया तनाव और इजरायल-ईरान के बीच हुए मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने फिलहाल संघर्ष विराम जैसा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि उनकी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से विस्तृत बातचीत हुई। ट्रंप ने कहा, “ईरान ने हमला किया, इजरायल ने जवाब दिया। इसके लिए मैं किसी को दोष नहीं देता।
लेकिन अब दोनों पक्ष पीछे हटने पर सहमत हुए हैं। वे लगभग एक सप्ताह तक एक-दूसरे को अकेला छोड़ेंगे। मेरी मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने तनाव कम करने पर सहमति जताई है।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि नेतन्याहू के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही और उन्हें उम्मीद है कि इजरायल और ईरान दोनों आने वाले दिनों में संयम बरतेंगे, जबकि कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में काम जारी रहेगा।
यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।