Shimla: हिमाचल प्रदेश में कालका-शिमला रेलवे लाइन के किनारे पर्यटन पर निर्भर व्यवसायों को नुकसान हो रहा है, यहां हुए भूस्खलन की वजह से कई हफ्तों तक ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं।
यह भूस्खलन 29 अगस्त को सोलन जिले में कोटी और गुम्मन रेलवे स्टेशनों के बीच हुआ था। शिमला से फिलहाल धर्मपुर तक ही ट्रेन सेवा संचालित हो रही है। जबकि धर्मपुर-कालका खंड पर रेल सेवाएं बंद हैं क्योंकि वहां मरम्मत का काम चल रहा है।
टैक्सी ऑपरेटरों का कहना है कि ट्रेन सेवाओं में कटौती से उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ा है और इसके पटरी पर लौटने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि इस रुकावट से नवरात्रि के दौरान उनके कारोबार पर असर पड़ा है। उनके मुताबिक आम तौर पर वे त्योहारी सीजन से पहले पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद लगाए रहते है।
पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग अधिकारियों से रेल लाइन की मरम्मत के काम में तेजी लानेे और रेल सेवाएं पूरी तरह बहाल होने तक शिमला और धर्मपुर के बीच अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की अपील की है। 96 किलोमीटर लंबी शिमला-कालका नैरोगेज रेलवे लाइन यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है। ये हिमालय की तलहटी से गुजरते हुए शिमला को मैदानी इलाकों से जोड़ती है।