Pahlaj Nihalani: बॉलीवुड के अनुभवी फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का निधन हो गया। निहलानी के मित्र शशि रंजन ने गुरुवार को ये जानकारी दी। वे 76 वर्ष के थे। पहलाज निलहानी का जन्म 10 जनवरी, 1950 को हुआ था। उन्होंने फिल्म निर्माता के तौर अपने करियर की शुरुआत 1982 में आई फिल्म ‘हथकड़ी’ से की थी।
उन्हें 1986 में आई फिल्म ‘इल्जाम’ के जरिए अभिनेता गोविंदा को पहला बड़ा मौका देने का श्रेय दिया जाता है। उन्होंने 1987 की फिल्म ‘आग ही आग’ के माध्यम से अभिनेता चंकी पांडे को भी फिल्मों में कदम रखने का मौका दिया। निलहानी की फिल्मों में ‘शोला और शबनम’, ‘आंखें’, ‘दिल तेरा दीवाना’, ‘तलाश’ और ‘रंगीला राजा’ शामिल हैं।
जनवरी 2015 में निहलानी को सीबीएफसी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2017 तक रहा। इस दौरान फिल्मों में किसी दृश्य को हटाने, अस्वीकरण और प्रमाणन संबंधी फैसलों को लेकर फिल्मकारों के साथ उनकी बार-बार टकराव की स्थिति बनी रहती थी।
अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कुछ सख्त नए दिशा-निर्देश लागू किए, जिनके तहत ‘ए’ रेटेड फिल्मों में भी कुछ अपशब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। साथ ही, उन्होंने ऐसी सामग्री को भी प्रतिबंधित करने का प्रयास किया जिसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला या हिंसा को दर्शाने वाला माना जा सकता था।
फिल्म जगत के आलोचकों ने अक्सर उन पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम करने का आरोप लगाया, जबकि उनका तर्क था कि वे केवल अपना काम कर रहे हैं। सीबीएफसी के वर्तमान अध्यक्ष शशि शेखर वेंपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने लिखा, “सीबीएफसी के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी के निधन पर पूरे सीबीएफसी परिवार की ओर से हार्दिक संवेदना।” निहलानी के परिवार में उनकी पत्नी नीता निहलानी और तीन बेटे हैं।