New Delhi: भारत-न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू हो रहा है, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को ये जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे चमड़ा, जूते-चप्पल, कपड़े और टेक्सटाइल जैसे ज्यादा श्रम वाले क्षेत्रों के कई भारतीय उत्पादों पर न्यूजीलैंड में शून्य आयात शुल्क लगेगा।
उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को हुए समझौते के तहत, मंगलवार से भारत से न्यूजीलैंड को होने वाले 100 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से अगले 15 साल में न्यूजीलैंड से भारत में 20 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा निवेश आने का रास्ता भी खुलेगा, उन्होंने कहा कि ये समझौता भारतीय निर्यातकों के लिए बड़े अवसर पैदा करेगा।
भारी अर्थमूविंग और निर्माण उपकरण बनाने वाली कंपनी जेसीबी इंडिया के एक छोटे एक्सकेवेटर (खुदाई मशीन) को हरी झंडी दिखाते हुए गोयल ने कहा कि कंपनी भारत से अपने कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत हिस्सा अलग-अलग देशों को निर्यात करती है। इसे इस व्यापार समझौते के तहत न्यूजीलैंड निर्यात किया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मैं उन्हें इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का लक्ष्य दे रहा हूं। न्यूजीलैंड अब उनके लिए 140वां निर्यात गंतव्य बन गया है।” इस समझौते में कृषि उत्पादकता साझेदारी भी शामिल है, जिसके जरिये न्यूजीलैंड की तकनीक भारत के बड़े पैमाने और बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगी।
उन्होंने बताया कि डेयरी, प्याज, चना, मटर, मक्का, बादाम, कृत्रिम शहद और चीनी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को इस व्यापार समझौते से बाहर रखा गया है। वाणिज्य मंत्रालय ने इस व्यापार समझौते के तहत टैरिफ रेट कोटा (TRQ) आवंटित करने की प्रक्रिया को अधिसूचित कर दिया है। TRQ के अंतर्गत आने वाले सामानों में सेब, कीवी फल, एल्ब्यूमिन और मानुका शहद शामिल हैं।