New Delhi: दिल्ली में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के बीच करीब 47 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होने की आशंका है। राजधानी में कुल करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.47 लाख यानी लगभग 67 फीसदी मतदाताओं ने गणना फॉर्म जमा किए हैं। ऐसे में करीब 33 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होने की संभावना है।
मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के तहत गणना फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 17 अगस्त थी। अब जिन मतदाताओं ने तय समयसीमा में अपना फॉर्म जमा नहीं किया है, उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद अपने नाम को लेकर दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 24 अगस्त को जारी होगी, जबकि अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी के करीब 1.45 करोड़ मतदाताओं में से 97.47 लाख ने गणना फॉर्म जमा किए हैं। इसके बाद अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) इन फॉर्म को डिजिटल करने के काम में जुटे हैं। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में 1,50,398 मतदाता हैं, जिनमें से 1,25,478 यानी 83.43 फीसदी फॉर्म का डिजिटलीकरण हो चुका है। वहीं 24,920 फॉर्म जमा नहीं हुए हैं।
फॉर्म डिजिटाइजेशन के मामले में शकूरबस्ती में 81.26 फीसदी, राजौरी गार्डन में 79.14 फीसदी, मंगोलपुरी में 78.76 फीसदी और उत्तम नगर में 77.76 फीसदी का आंकड़ा रहा है। वहीं तुगलकाबाद में केवल 52.15 फीसदी फॉर्म का डिजिटलीकरण हुआ है। कम डिजिटाइजेशन वाले विधानसभा क्षेत्रों में ओखला में 54.67 फीसदी, आरके पुरम में 55.54 फीसदी, कस्तूरबा नगर में 55.97 फीसदी और कालकाजी में 57.21 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं।
मुस्लिम बहुल इलाकों की बात करें तो चांदनी चौक में करीब 61 फीसदी फॉर्म जमा हुए हैं। हालांकि, अन्य मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्थिति इससे बेहतर रही। मुस्तफाबाद में 71.91 फीसदी, मटिया महल में 75.5 फीसदी, सीलमपुर में 76.63 फीसदी, बाबरपुर में 73 फीसदी और बल्लीमारान में 67.35 फीसदी फॉर्म जमा किए गए हैं।
जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, गणना फॉर्म के डिजिटाइजेशन का सबसे अधिक प्रतिशत आउटर नॉर्थ में 75.68 फीसदी रहा। इसके बाद पश्चिमी जिले में 73.29 फीसदी और दक्षिण-पश्चिम जिले में 73.16 फीसदी फॉर्म डिजिटाइज हुए हैं। वहीं सबसे कम डिजिटाइजेशन दक्षिण-पूर्वी जिले में 56.32 फीसदी, नई दिल्ली में 60.76 फीसदी और दक्षिण जिले में 61.32 फीसदी रहा है।
जिन मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होंगे, उन्हें CEO कार्यालय की ओर से अनुपस्थित, दूसरी जगह स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट जैसी श्रेणियों के तहत नोटिस भेजे जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, जिन मतदाताओं के गणना फॉर्म जमा या डिजिटाइज नहीं हुए हैं, उनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिन्हें स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित माना गया है।
ऐसे मतदाता 24 अगस्त से 23 सितंबर के बीच दावे और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इस दौरान वे फॉर्म-6 के जरिए मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। CEO कार्यालय की ओर से इन दावों और आपत्तियों का निपटारा 24 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच किया जाएगा। इसके बाद 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।