Delhi Police: विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक करेंगे और फिर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर प्रदर्शन कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन के सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए राष्ट्रपति भवन से समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं। विपक्षी गठबंधन ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। यदि शुक्रवार तक मुलाकात के लिए समय नहीं मिलता है, तो ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।
विपक्षी सांसदों को दोपहर तीन बजे संविधान सदन के केन्द्रीय कक्ष में बुलाया गया है। इस बीच, कांग्रेस ने कॉकरोच जनता पार्टी के 10 अक्टूबर को यहां प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन के चलते भारी सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह ‘इंडिया’ गठबंधन के पिछले कुछ दिन के प्रदर्शन के बाद सरकार के ‘घबराहट’ के स्तर को दर्शाता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सीजेपी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के 20,000 से अधिक कर्मी तैनात किए गए हैं। उनका कहना है कि जंतर मंतर पर किसी तरह के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने लोगों से किसी अनधिकृत तरीके से आयोजित सभा में भाग नहीं लेने की अपील की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘यह स्पष्ट रूप से सरकार के घबराहट के स्तर को दर्शाता है।’’
सूत्रों ने बताया कि ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध-प्रदर्शन के तहत सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उप-राष्ट्रपति आवास और प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन करने की संभावना पर भी विचार किया जा सकता है। इससे पहले कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने कहा था कि ‘इंडिया’ गठबंधन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगा है और वह राष्ट्रपति भवन से जवाब की प्रतीक्षा कर रहा है।
वेणुगोपाल के मुताबिक, मुलाकात के लिए पहला अनुरोध पत्र दो अक्टूबर को भेजा गया था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के नाम मांगे थे। इसके अनुरूप गठबंधन ने पांच अक्टूबर को दोबारा अनुरोध भेजकर नेताओं के नाम दिए और सात, आठ या नौ अक्टूबर को मुलाकात के लिए समय मांगा था।
उन्होंने कहा था कि शुक्रवार तक जवाब का इंतजार किया जाएगा। पिछले सप्ताह ‘इंडिया’ गठबंधन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया था। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर रैलियां आयोजित करने और ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालने का फैसला किया गया था। विपक्षी दल पिछले तीन दिन से हर दिन अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।