Delhi: सर्दियों के महीनों के दौरान, राष्ट्रीय राजधानी में सरकार की तरफ से बनाए गए रैन बसेरे, बेघरों के लिए ठंड से बचने के लिए आरामदायक जगह साबित हो रहे हैं। इनकी वजह से उन्हें कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे ठिठुरना नहीं पड़ता।
इन रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों के लिए बिस्तर, कंबल और पीने का पानी का इतंजाम किया गया है। साथ ही लोगों को मुफ्त भोजन और चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया कराई जाती हैं।
यमुना बाजार रैन बसेरा के देखभालकर्ता उपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि “यहां सरकार की तरफ से बहुत बड़ी सुविधा है। सुबह चाय और फैन आता है, उसके बाद दोपहर में खाना, फिर शाम को खाना आता है। पानी भी आता है, दवाई भी आती है। बड़ी सुविधा है, कंबल नया, नया बढ़िया है। देखिए सारा बिस्तर हमारे पास नया-नया है और 40 कंबल हैं, अग्निशामक यंत्र भी लगा हुआ है। एलईडी भी लगे हुए हैं हमारे पास।”
ये रैन बसेरे दिहाड़ी मजदूरों, बेघरों और यहां तक कि काम या अस्पतालों में इलाज के लिए दिल्ली आने वाले लोगों की मुश्किलें काफी हद तक कम कर रहे हैं।
रैन बसेरे में रहने वाले सोनू का कहना है कि “यहां सुबह मिलता है चाय बिस्कुट, फैन, मट्ठी। दोपहर में खाना आता है और शाम को भी आता है, खाने के लिए। नहाने-धोने की भी सुविधा-पानी और सब चीज की है।”
दिल्ली सरकार के विंटर एक्शन प्लान के तहत, 250 ऐसी जगहों पर रैन बसेरे बनाए गए हैं जहां उनकी ज्यादा जरूरत है या फिर ज्यादा भीड़भाड़ रहती है। इसके अलावा पूरी दिल्ली में 197 ऐसे स्थायी आश्रय हैं जो चौबीसों घंटे लोगों की सेवा के लिए तैयार दिखते हैं।