Ram Mandir: मैंने मौन धारण कर लिया है, इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान आया सामने

Ram Mandir: पिछले 6 जून 2026 से श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गयी चोरी के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, व्यक्तिगत तौर पर मेरे ऊपर अनेकों ने अनुचित आरोप लगाए हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है। मंदिर ट्रस्ट की धांधली को समझने हेतु SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है।

यद्यपि यह परम गोपनीय थी, अब सभी को आश्वस्त करना है कि SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद फैलाये जा रहे सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जायेगा। मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में भेजा गया संगठन द्वारा, मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से, जहाँ-जहाँ मैं रहा खुली पुस्तक के समान है। सभी को आदर पूर्वक नमन।

चंपत राय के आधिकारिक एक्स हैंडल से उनके हाथ से लिखे एक पत्र की तस्वीर साझा की गई है. इसके साथ गोस्वामी तुलसीदास रचित श्रीरामचरितमानस के अयोध्याकांड की चौपाई- ‘धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी’– भी लिखी गई है. इस पत्र में चंपत राय ने लिखा है कि- पिछले 7 जून 2026 से श्री रामजन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी के संबंध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं

उन्होंने पत्र में लिखा है- व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों ने अनर्गल आरोप लगाये हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है. मन्दिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को संपन्न बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है. यद्यपि यह परम गोपनीय थी.  उन्होंने लिखा है कि आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाए जा रहे सभी बिंदुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सत्य सामने आ जायेगा.

राय ने लिखा है कि मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में संगठन द्वारा भेजा गया. मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से है. जहां-जहां रहा हूं, खुली पुस्तक के समान हूं. सभी को आदर पूर्वक नमस्कार.

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