Noida: डायल 112 की कार्यप्रणाली में लगातार सामने आ रही लापरवाही पर पुलिस आयुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 पीआरवी कमांडरों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई डीसीपी यातायात की रिपोर्ट के आधार पर की गई, जिसमें जनवरी से जून तक इन कमांडरों की कार्यप्रणाली लगातार नकारात्मक पाई गई। समीक्षा के दौरान 165 इवेंट कॉल का मुख्यालय और डीसीपी यातायात कार्यालय से फीडबैक लिया गया, जिसमें शिकायतों के निस्तारण में गंभीर लापरवाही सामने आई।
कमिश्नरेट में वर्तमान में 131 पीआरवी संचालित हैं, जिनमें दो और तीन शिफ्टों में लगभग 700 पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। इनकी कमान 293 पीआरवी कमांडरों के हाथ में है, जिनकी जिम्मेदारी डायल 112 पर आने वाली प्रत्येक आपातकालीन कॉल पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करना है। हालांकि, कुछ कमांडरों द्वारा लगातार लापरवाही बरते जाने से मुख्यालय की मासिक रिपोर्ट भी प्रभावित हो रही थी।
प्रभारी डीसीपी यातायात अभय कुमार मिश्र ने समीक्षा रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी, जिसके बाद कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी 14 कमांडरों के निलंबन के आदेश जारी किए गए। निलंबित कर्मियों में संदीप यादव, मोनू, पवन कुमार, अर्जुन, नितिन, मनोज, गुरवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, सुदांशु गुप्ता, गंगासागर, कमलेश बाबू, अशोक कुमार, अंकित और विवेक शामिल हैं। ये सभी आरक्षी और मुख्य आरक्षी पद पर तैनात थे।
दिसंबर 2025 में भी पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के औचक निरीक्षण के दौरान डायल 112 कर्मियों की लापरवाही उजागर हुई थी, जिसके बाद प्रभारी समेत 10 कर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। सड़क दुर्घटनाओं, पैसों के लेनदेन, पति-पत्नी विवाद, किरायेदार-मकान मालिक के झगड़े और पड़ोसियों के विवाद जैसी शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को इस कार्रवाई का प्रमुख आधार माना गया।