Meerut: मेरठ में चर्चित ‘नीले ड्रम’ सौरभ हत्याकांड में दोनों आरोपियों की पेशी, बच्ची को गोद में लेकर मुस्कान पहुंची कोर्ट

Meerut: मेरठ के मशहूर नील ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड में मंगलवार को आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया। मुस्कान अपनी छोटी बेटी को गोद में लेकर अदालत पहुँची। इससे पहले दोनों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होती थी। लेकिन आज उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट लाया गया।

अब तक इस मामले में 22 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अदालत में आज साहिल और मुस्कान से अहम सवाल-जवाब हुए। आरोप है कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ की हत्या की हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें नीले ड्रम में पैक किया गया, जिससे यह केस बेहद सनसनीखेज बन गया। मुस्कान और साहिल की पेशी के बाद अब कोर्ट जल्द ही दोनों पर आरोप तय सकती है। इसके बाद ट्रायल का अगला चरण शुरू होगा।

आपको बता दें साहिल को लेकर पुलिस कोर्ट पहुंची वह सफेद टोपी और राउंड नेक की शर्ट पहना था।पुलिस की गाड़ी से उतरने के बाद उसने सिर नीचे झुका लिया और पुलिस कर्मियों के साथ चलता रहा। कुछ देर बाद ही पुलिस मुस्कान को लेकर पहुंची जिसने चेहरे पर मास्क लगा रखा था और 6 महीने के बच्ची को गोद में लिए हुई थी नजर झुकाए मुस्कान भी कोर्ट में प्रवेश कर गई। बच्ची को दुपट्टे से लपेट रखा था।

जहां मुस्कान और साहिल को चारों ओर से पुलिस ने घेर रखा था। किसी को भी मुस्कान की तरफ आने नहीं दिया गया। मुस्कान और साहिल के जेल जाने के बाद यह पहला मौका है जब वह जेल से बाहर दोनों आए हैं। वहीं मृतक सौरभ की मां और भाई भी कोर्ट पहुंचे जिन्हें पुलिस कर्मियों ने पहले ही रोक लिया। सौरभ की मां मुस्कान पर चिल्लाती नजर आई और गालियां देती नजर आई। साहिल और मुस्कान को जज के सामने पेश किया गया बताया जा रहा है कि उनसे 15-15 मिनट तक सवाल जवाब हुए इसके बाद दोनों को फिर से जेल भेज दिया गया। सौरभ के परिजनों ने दोनों को फांसी की मांग की। मुस्कान और साहिल को एक ही गाड़ी से जेल से ले जाया गया था और एक ही गाड़ी में वापस जेल ले जाया गया।

वही इस पूरे मामले में मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ वीरेश राज शर्मा ने बताया कि लगभग 13 महीने बाद यह लोग मान्य न्यायालय में उपस्थित हुए हैं। इससे पहले इनकी वी सी के माध्यम से ही पेशी हो रही थी। लेकिन आज माननीय न्यायालय का आदेश था कि 313 के बयान के लिए इन्हें कोर्ट में लाया जाए। इस आदेश के अनुसार इनको आज पेश किया गया है। पूरे रास्ते में यहां से वहां तक और वहां से यहां तक यह लोग साथ थे। हमारा लिए तो न्यायालय का आदेश था तो इन्हें वहां पेश किया गया। दोनों लोग ही अपने केस के संबंध में जानकारी अपने सरकारी वकील जो नियमित रूप से यहां रेखा जैन आती है उनके माध्यम से लेते रहते हैं। साहिल का भाई मिलने के लिए जेल में लगातार आता रहता है लेकिन मुस्कान से आज तक कोई मुलाकात करने नहीं आया है। कारागार की ओर से ही मुस्कान और उसकी बच्ची हुई है उसका पूरा ध्यान रखा जाता है। दवाइयां या जो भी उनको चाहिए वह कारागार की ओर से उपलब्ध कराया जाता है।

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