Stock market: शेयर बाजार में तेजी लौटी और इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त के साथ बंद हुए। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, सूचना प्रौद्योगिकी और धातु कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई। बाजार में एक समय अच्छी बढ़त देखने को मिली लेकिन ईंधन कीमतों में उछाल के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका के बीच दोनों मानकक सूचकांकों ने बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा
दिया।
इस बीच, तेल की कीमतें बढ़ा दी गई हैं। प्रीमियम पेट्रोल अब दो रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है, जबकि औद्योगिक इस्तेमाल करने वालों के लिए थोक डीजल की दरें लगभग 22 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दी गई हैं। यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आए उछाल को दिखाती है।
हालांकि, सामान्य पेट्रोल और डीजल पुरानी कीमत पर ही मिलेगा। अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें गुरुवार को 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। हालांकि ये बाद में लुढ़ककर 109 डॉलर प्रति बैरल से कुछ नीचे आ गईं। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 325 अंक चढ़कर लगभग 74,533 पर जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 112 अंक बढ़कर 23,114 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, इंफोसिस, ट्रेंट लिमिटेड और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा चढ़े। जबकि एचडीएफसी बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड के शेयर सबसे ज्यादा लुढ़के।
बाजार विशेषज्ञ शरद कोहली ने बताया कि “यह ज्यादातर एक ‘बाउंस’ (उछाल) जैसा है, जहां कुछ ‘बार्गेन हंटर्स’ (सस्ते शेयर खोजने वाले) – इस तरह के स्टॉक्स और मौकों की तलाश में रहते हैं। मुझे लगता है कि यह डर में आया एक छोटा सा ठहराव है, क्योंकि बाजार पर असर डालने वाले मूल कारण – जैसे कच्चे तेल का संकट और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को हो रहा नुकसान – अभी भी वैसे ही बने हुए हैं। युद्ध अभी भी जोरों पर है, हालात सुधरने का कोई संकेत नहीं दिख रहा, इसलिए यह महज़ एक ‘टेक्निकल रिबाउंड’ (तकनीकी उछाल) है। हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि पिछले 15 दिनों में FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की बिकवाली लगातार जारी रही है – FIIs ने लगभग 89,000 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।” ))
क्षेत्रीय स्तर पर आईटी, हेल्थकेयर, मेटल्स, पब्लिक सेक्टर बैंक, एनर्जी, टेलीकॉम और पावर शेयरों ने बाजार की रफ्तार को आगे बढ़ाया। जबकि प्राइवेट सेक्टर बैंक, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियलिटी शेयरों ने बाजार को नीचे
खींचा।
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी बढ़त के साथ, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं जापान में बाज़ार छुट्टी की वजह से बंद थे।
यूरोपीय बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। जबकि वॉल स्ट्रीट गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशक गुरुवार को भी शुद्ध विक्रेता बने रहे, क्योंकि उन्होंने 7,558 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेचे।