Lathmar Holi: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के बरसाना में होली शुरू होने के एक दिन बाद, नंदगांव में लट्ठमार होली मनाई गई। मथुरा के नंदगांव को भगवान कृष्ण के बचपन का घर माना जाता है।
लाठियों के साथ होली मनाने की परंपरा राधा और उनकी सखियों के साथ होली खेलने के लिए नंदगांव से बरसाना की यात्रा करने वाले भगवान कृष्ण की पौराणिक कहानियों से मिलती है। माना जाता है कि कृष्ण और उनके साथियों से बचने के लिए बरसाना की गोपिकाएं उन्हें लाठियों से भगाती हैं।
यहां सदियों से होली का उत्सव ऐसे ही मनाया जाता है, जिसे लट्ठमार होली कहते हैं, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बनी हुई है। श्रद्धालुओ का कहना है कि “ये हमारी परंपरा है राधा-कृष्ण की प्रेम भाव की होली है तो ये हमारे हर साल मनाई जाती है। एक एक सवा महीने से इसका उत्सव मनाने से लग जाते हैं। अपनी लाठी पर तेल अपने … पर तेल खाने पीने का भी बड़ा ध्यान रखना पड़ता है। तो हमारी ये परंपरा चली आई है।”
पूरे देश में होली चार मार्च को मनाई जाएगी। हालांकि ब्रज क्षेत्र के वृंदावन और मथुरा जैसे धार्मिक शहरों के आसपास होली का त्योहार पहले ही शुरू हो चुका है।