Srinagar: श्रीनगर में जबरवन माउंटेन रेंज की तलहटी में बसे इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्यूलिप गार्डन को जनता के लिए खोल दिया गया, ये एशिया का सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन है, अलग-अलग रंगों और आकारों के ट्यूलिप के लगभग 17 लाख फूलों को देखने के लिए देश-विदेश के सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
55 हेक्टेयर इलाके में फैले इस गार्डन में इस साल ट्यूलिप की 73 किस्में देखने को मिल रही है। इसके अलावा डैफोडील्स, जलकुंभी और मस्करी जैसे फूलों का बेहतरीन कलेक्शन भी यहां मौजूद है, देश-विदेश से सैलानी ट्यूलिप गार्डन में पहुंच रहे हैं। वे फूलों के बीच बेहतरीन नजारों और खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ सेल्फी लेना नहीं भूलते।
ट्यूलिप गार्डन की शुरूआत 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने की थी, तब से ये श्रीनगर की उन खास जगहों में शामिल रहा है जहां सैलानी खिंचे चले आते हैं। पर्यटकों का कहना है कि “बहुत-बहुत अच्छा लग रहा है यहां का माहौल बहुत अच्छा है। मौसम बहुत अच्छा है खिला-खिला है सब कुछ अच्छा लग रहा है, थोड़े मिले क्योंकि अभी थोड़े खिलें हैं थोड़े नहीं खिले हैं। लेकिन बहुत अच्छी तरीके से बनाया हुआ है, अच्छा मेंटेन कर रखा है अच्छे से रखरखाव अच्छा है। ट्यूलिप अपने में एक अलग ही है। व्यू बहुत अच्छा है।”
पर्यटकों ने यह भी कहा कि “यह बिल्कुल सुंदर है जैसे कि यह हमारा पहला अनुभव है, हम यहां पहले कभी नहीं आए हैं। लेकिन ये बस, बहुत अच्छा है। ये केवल फूल नहीं हैं, आप लोगों को भी देखते हैं कितने लोग अलग-अलग जगहों से आ रहे हैं, हमने पिछले चार दिनों में कई जगहों का दौरा किया और आज ट्यूलिप गार्डन का उद्घाटन हो रहा है। मुझे लगता है कि हमने पहले कभी नहीं देखा था दुनिया में पहले भी ऐसा कुछ हो चुका है।”
उन्होंने कहा कि “जब मैं पहली बार यहां आया था तो लगा दोबार जरूर आऊंगा आज मेरे सपना पूरा हो रहा है। उस वक्त तो ट्यूलिप गार्डन खुला नहीं था पर आज मुझे मौका मिला है। मैं अनुभव करके बहुत खुश महसूस कर रहा हूं। ऐसा पूरे देश दुनिया में किधर भी नहीं है। जितना ये कश्मीर में ऐसा है। विदेशों में मिलता होगा लेकिन इंडिया में मैंने नहीं देखा।”