उत्तराखंड: हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में भी बनेगा परिवार पहचान पत्र, पढिए पूरी खबर

नमिता बिष्ट

अब हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में भी परिवार पहचान पत्र बनाए जाएंगे। जी हां, इस पहचान पत्र के बन जाने के बाद लोगों को अलग से आय, जाति, निवास, दिव्यांग और विकलांग आदि प्रमाण पत्र बनाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि इसके माध्यम से पहचान पत्र धारक परिवार सभी सरकारी सेवाओं का निर्बाध लाभ उठा सकेंगे।

हरियाणा की तर्ज पर उत्तराखंड में भी परिवार पहचान पत्र

बता दें कि हरियाणा सरकार ने अपने यहां लोगों के परिवार पहचान पत्र बनाए हैं। इसी के तर्ज पर अब उत्तराखंड सरकार ने भी परिवार पहचान पत्र बनाने का फैसला लिया है। इस कार्य के लिए नियोजन विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है जबकि एनआईसी को पहचान पत्र बनाने की जिम्मेदारी दी जा रही है।

परिवार को आसानी से मिलेगी ये सेवाएं

यह विशिष्ट पहचान मिलने के बाद परिवार के किसी एक सदस्य को जाति, निवास, आय प्रमाणपत्र मिलने पर परिवार के अन्य सदस्यों को ये सेवाएं आसानी से मिल सकेंगी। परिवार में किसी बच्चे के जन्म लेने पर उसे जन्म प्रमाणपत्र के साथ जाति प्रमाणपत्र देने की राज्य सरकार की योजना को क्रियान्वित किया जाएगा।

करीब 23 लाख परिवारों के बनेंगे पहचान पत्र

परिवार पहचान पत्र एक आधिकारिक पहचान पत्र होगा जो सरकारी योजनाओं के लिए अनिवार्य किया जाएगा। इसके तहत कई तरह की जानकारी ली जाएगी और ग्राम विकास अधिकारियों की ओर से उस जानकारी का सत्यापन भी किया जाएगा। नियोजन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 23 लाख के करीब परिवारों का परिवार पहचान पत्र बनाए जाने हैं। इसके तहत विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं।

एक कार्ड में ही मिलेगी सारी जानकारियां

सूत्रों ने बताया कि परिवार पहचान पत्र 14 अंकों का होगा और इसमें परिवार से जुड़ी सभी तरह की जानकारियां शामिल होंगी। बच्चे के जन्म लेने, बच्चे को गोद लेने, शादी और मृत्यु होने के बाद की जानकारी इस कार्ड में अपडेट होती रहेगी। एक बार कार्ड बन जाने के बाद उससे जुड़ी अन्य सभी जानकारियां खुद ही सामने होंगी और अलग से प्रमाण पत्र नहीं बनवाने होंगे।

एजेंसी फाइनल होने के बाद प्रक्रिया शुरू होगी

परिवार पहचान पत्र बनाने के लिए अपर सचिव नियोजन रोहित मीणा ने एनआईसी को पत्र लिख दिया है। एनआईसी की ओर से जबाव मिलने के बाद कार्ड बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए नियोजन विभाग अलग से प्रकोष्ठ भी गठित करेगा। एजेंसी फाइनल होने के बाद पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।

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