Agniveer: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में अहम बदलाव करते हुए अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने का फैसला किया है। इस अवधि के पूरा होने पर निर्धारित पात्रता और चयन मानदंडों पर खरे उतरने वाले अग्निवीरों को अपनी इच्छा के आधार पर सेना में नियमित रूप से शामिल होने का अवसर मिलेगा।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बुधवार को इस फैसले की जानकारी दी। इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीनों सेनाओं से मिले सुझावों के आधार पर इन बदलावों को मंजूरी दी थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस निर्णय को सशस्त्र बलों में किए जा रहे दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा बताया। उनके मुताबिक, इसका मकसद सेना को अधिक युवा, शारीरिक रूप से सक्षम, तकनीकी रूप से दक्ष और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है।
जून 2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं को चार साल के लिए सेना में भर्ती किया जाता था। इस व्यवस्था में अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को ही नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान था। नए बदलाव ऐसे समय में किए गए हैं, जब करीब 18 हजार अग्निवीर अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले थे। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल सुब्रमणि ने इसे भारतीय रक्षा बलों और अग्निवीरों के लिए महत्वपूर्ण फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अग्निवीरों के लिए सेना में स्थायी रूप से शामिल होने की संभावनाओं का विस्तार किया है।
सीडीएस के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 फीसदी अग्निवीरों को उनकी योग्यता के आधार पर नियमित सैनिक बनाया जाता है। वहीं, बाकी 75 फीसदी अग्निवीर अनुशासित और प्रशिक्षित युवाओं के रूप में सेवा से बाहर हो जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत इन 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल और सेवा करने का अवसर मिलेगा। अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद जो अग्निवीर निर्धारित चयन प्रक्रिया में सफल होंगे और सेना में बने रहने की इच्छा जताएंगे, उन्हें नियमित सेवा में शामिल किया जा सकेगा।
हालांकि, जनरल सुब्रमणि ने स्पष्ट किया कि अग्निपथ योजना पहले की तरह जारी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि चार साल की सेवा के बाद नियमित किए गए 25 फीसदी अग्निवीरों की वरिष्ठता उन अग्निवीरों से अधिक होगी, जिन्हें दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलने के बाद नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अतिरिक्त दो साल का प्रावधान उन अग्निवीरों को एक और अवसर देगा, जो शुरुआती चार साल की अवधि में नियमित भर्ती के लिए चयनित नहीं हो पाए थे। गौरतलब है कि अग्निपथ योजना के तहत 17.5 से 21 वर्ष की आयु के युवाओं को तीनों सेनाओं में चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य सेना में जवानों की औसत आयु कम करना और नई पीढ़ी के युवाओं को सैन्य सेवा का अवसर देना था। हालांकि, योजना लागू होने के बाद से ही कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इसकी आलोचना की थी। विपक्ष का सवाल था कि चार साल बाद सेवा से बाहर होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार की क्या व्यवस्था होगी।
इस चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने पूर्व अग्निवीरों को रोजगार देने के लिए अलग-अलग प्रावधानों की घोषणा की थी। लेकिन नए फैसले के बाद इन व्यवस्थाओं की जरूरत पर सवाल पूछे जाने पर जनरल सुब्रमणि ने कहा कि अब ऐसे प्रावधानों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल को अग्निवीरों के लिए ‘सेवा का दूसरा चरण’ करार दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि इस फैसले से निर्धारित मानदंडों को पूरा करने वाले और नियमित सेवा जारी रखने के इच्छुक अग्निवीरों को सेना में स्थायी रूप से शामिल होने का अवसर मिलेगा। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को साझा करते हुए कहा कि यह केवल भर्ती प्रक्रिया में बदलाव नहीं है, बल्कि भारतीय सेना को युद्ध के बदलते तौर-तरीकों और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है।