UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले ही सियासी बयानबाजी तेज होने लगी है। प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सोशल मीडिया के जरिए निशाना साधा है। राजभर ने अखिलेश के अगले विधानसभा चुनाव में किसी सीट से चुनाव नहीं लड़ने की चर्चाओं को लेकर उन पर तंज कसते हुए सीधे मुकाबले की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि जो नेता चुनाव से ही दूरी बनाए, उसे नेता कैसे कहा जा सकता है।
‘नेता होकर चुनाव से क्यों भाग रहे हैं?’
ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा कि उन्हें जानकारी मिली है कि सपा प्रमुख आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में किसी सीट से मैदान में नहीं उतरेंगे। इस पर उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कोई नेता चुनाव लड़ने से क्यों बच रहा है। राजभर ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर हिम्मत है तो चुनावी मैदान में आकर आमने-सामने मुकाबला करें।
टोना-टोटका और मुख्यमंत्री बनने को लेकर कसा तंज
राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव पर टोना-टोटका में विश्वास करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि बिना चुनाव लड़े मुख्यमंत्री बन जाना भी किसी तरह का टोना-टोटका नहीं था, बल्कि उन्हें पहले से तैयार राजनीतिक पार्टी का लाभ मिला था।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि चुनाव में हार की आशंका के चलते अखिलेश मैदान में उतरने से बच रहे हैं। राजभर ने अपने बयान में नोएडा, आगरा, अयोध्या और मथुरा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता ने करीब दस साल पहले ही ऐसी राजनीति को सत्ता से बाहर कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने टोना-टोटका और अंधविश्वास जैसी मान्यताओं को पीछे छोड़कर प्रदेश में बदलाव किया है।
‘एक बार ही मुख्यमंत्री बन पाए, अब आगे कोई उम्मीद नहीं’
सपा प्रमुख पर हमला जारी रखते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव अब तक केवल एक बार ही मुख्यमंत्री बन पाए हैं और भविष्य में दोबारा इस पद तक पहुंचने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि कम से कम अखिलेश को किसी एक विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का साहस दिखाना चाहिए।
काशी और बाबा विश्वनाथ को लेकर भी साधा निशाना
अपनी पोस्ट के आखिरी हिस्से में राजभर ने अखिलेश यादव की वाराणसी यात्रा को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश के पास रास्ते में रुककर मिठाई खाने का समय तो था, लेकिन बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने का वक्त नहीं मिला। राजभर ने उन्हें काल भैरव मंदिर जाने की सलाह देते हुए तंज कसा कि वहां उनके कथित टोना-टोटका का इलाज हो जाता।
ओम प्रकाश राजभर की इस पोस्ट ने यूपी की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी को हवा दे दी है। उनके निशाने पर सीधे अखिलेश यादव रहे और उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सपा प्रमुख को खुली चुनौती दी है।