Gorakhpur: सीएम योगी ने गोड़धोइया नाला परियोजना का किया लोकार्पण, 880 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात

Gorakhpur:  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को शहरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी करीब 880 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में विकास कार्य प्रभावित रहे और माफिया गतिविधियों को संरक्षण मिलता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा की कार्यशैली में बदलाव संभव नहीं है और जब भी उसे मौका मिलता है, जमीनों पर अवैध कब्जे की घटनाएं सामने आती हैं।

मुख्यमंत्री 495.24 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करने और दूसरे चरण की 92.72 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 721.40 करोड़ रुपये की गोरखपुर सीवरेज योजना के जोन ए-3 और गोड़धोइया नाले के दोनों किनारों पर 65.93 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सड़क परियोजना की आधारशिला भी रखी।

अपने संबोधन में सीएम योगी ने सपा सरकार के कार्यकाल की कुछ घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जेल रोड पर गोरखपुर के एक प्रतिष्ठित परिवार की दो हवेलियां थीं, जिन पर कब्जे की कोशिश की गई थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, परिवार ने अपनी संपत्ति बचाने के लिए रातोंरात दोनों हवेलियां गिरवा दी थीं। उन्होंने आर्यनगर की एक अन्य घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी एक माफिया ने प्रतिष्ठित परिवार की हवेली पर कब्जा करने का प्रयास किया था। उस समय सांसद रहते हुए वह स्वयं मौके पर पहुंचे थे।

2017 के बाद जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। अब किसी गरीब, व्यापारी या सम्मानित नागरिक की जमीन और मकान पर अवैध कब्जा करने की हिम्मत कोई नहीं कर सकता। ऐसा करने से पहले अपराधियों को अंजाम के बारे में सोचना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि पहले असुरक्षा का माहौल था। बेटियों के लिए स्कूल जाना मुश्किल था और व्यापारी भी सुरक्षित वातावरण में कारोबार नहीं कर पाते थे। सुरक्षा के अभाव में निवेश की संभावनाएं भी प्रभावित होती थीं।

सीएम योगी ने कहा कि मौजूदा समय में महिलाओं की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता दी जा रही है। राह चलते किसी बेटी के साथ छेड़खानी करने वाले को कानून का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले गोरखपुर की सड़कों पर गड्ढे, जाम, गंदगी और बरसात में जलभराव आम समस्या थी। शहर में मच्छरों और माफिया का भी प्रभाव था।

मच्छर और माफिया से मुक्ति के साथ विकास को गति देने का दावा

मुख्यमंत्री ने गोड़धोइया नाला परियोजना को शहर की पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पहले चरण का पूरा होना गोरखपुर को जलभराव और उससे जुड़ी परेशानियों से राहत दिलाने में मददगार होगा। उनके अनुसार, जब शहर मच्छरों और माफिया के प्रभाव से मुक्त होता है, तो विकास की रफ्तार तेज होती है।

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले गंदगी, जलजमाव और दूषित पेयजल के कारण इंसेफेलाइटिस, मलेरिया, डेंगू सहित कई बीमारियां फैलती थीं और बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित होते थे। गोड़धोइया नाले के पुनर्विकास से इन समस्याओं पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना के दौरान अवैध कब्जे हटाए गए, लेकिन पहले से बने मकानों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया।

रोजगार के लिए अब गोरखपुर आ रहे दूसरे क्षेत्रों के लोग

मुख्यमंत्री ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में शहर में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले गोरखपुर के युवाओं को नौकरी की तलाश में दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब दूसरे क्षेत्रों के लोग भी यहां रोजगार के लिए आ रहे हैं। सीएम के मुताबिक, पिछले दस वर्षों में गोरखपुर में 50 हजार युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर मिले हैं।

उन्होंने कहा कि शहर में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और बेहतर सुरक्षा, स्वच्छता तथा विकास के कारण गोरखपुर की पहचान बदली है। मुख्यमंत्री ने इसे नए उत्तर प्रदेश के उभरते हुए नए गोरखपुर के रूप में प्रस्तुत किया।

17 वार्डों को जलनिकासी की समस्या से मिलेगी राहत

सीएम योगी ने बताया कि गोड़धोइया नाला परियोजना से शहर के 17 वार्डों में जलनिकासी की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। पहले चरण में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से 7.75 किलोमीटर लंबा आरसीसी नाला बनाया गया है। इसके साथ 17.5 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग ट्रंक सीवर लाइन, 38 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और 61 एमएलडी का मुख्य पंपिंग स्टेशन तैयार किया गया है। परियोजना के तहत 14 पुल और कल्वर्ट भी बनाए गए हैं।

दूसरे चरण में नाले के कैचमेंट क्षेत्र से जुड़े वार्डों में करीब 794 करोड़ रुपये की लागत से 342 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जाएगी। इसके तहत लगभग 45 हजार सीवर कनेक्शन और दो इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन के अलावा 27 एमएलडी तथा 37.5 एमएलडी क्षमता के दो पंपिंग स्टेशन बनाए जाने हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन कार्यों से करीब ढाई से तीन लाख लोगों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि दीपावली से पहले रेलवे कॉलोनी बिछिया, शाहपुर, सेमरा, बशारतपुर, राप्ती नगर और राम जानकी नगर समेत कई इलाकों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। नाले के दोनों ओर सड़क निर्माण और वृक्षारोपण भी कराया जाएगा, जिससे आसपास के मोहल्लों तक पहुंचना आसान होगा।

धर्मशाला बाजार के नाले को भी आरसीसी से बनाया जाएगा

मुख्यमंत्री ने बताया कि धर्मशाला बाजार से सुमेर सागर होते हुए आगे जाने वाले नाले को पक्का आरसीसी नाला बनाने के लिए भी धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए प्रभावी जलनिकासी व्यवस्था जरूरी है। इसके अभाव में गंदगी और मच्छरों से जुड़ी समस्याएं बनी रहती हैं।

दीपावली पर जरूरतमंदों के साथ बांटें खुशियां

सीएम योगी ने लोगों से अपील की कि दीपावली का पर्व जरूरतमंद परिवारों के साथ मिलकर मनाएं। उन्होंने कहा कि त्योहार की खुशी तब और बढ़ जाती है, जब हम गरीबों के घर जाकर दीप जलाएं और उन्हें उपहार दें। मुख्यमंत्री ने बताया कि वह हर साल दीपावली पर वनटांगिया गांव जाते हैं और वहां के लोगों के साथ मिठाई बांटकर पर्व मनाते हैं।

उन्होंने लोगों से अपने आसपास स्थित मंदिरों और शहीद स्मारकों पर जाकर महापुरुषों तथा क्रांतिकारियों की स्मृति में एक दीप जलाने का भी आह्वान किया।

सीएम के नेतृत्व में गोरखपुर विकास की मिसाल बना : रविकिशन

कार्यक्रम में सांसद रविकिशन शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में गोरखपुर में विकास कार्यों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले शहर को विकास और कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। सांसद ने दीपावली से पहले मिली विकास परियोजनाओं को गोरखपुर के लिए महत्वपूर्ण सौगात बताया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सम्मान में एक शेर भी सुनाया।

समारोह में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री डॉ. संजय निषाद, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक श्रीराम चौहान, फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल और सरवन निषाद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राजेश गुप्ता और कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

बिछिया पुल से मुख्यमंत्री ने देखा गोड़धोइया नाले का काम

लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिछिया पुल से गोड़धोइया नाले के पुनर्विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के तहत तैयार की गई 100 मीटर लंबी सड़क पर चलकर उसकी स्थिति और निर्माण कार्यों का जायजा भी लिया।

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