Niki Prasad: भारतीय टीम की अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने युवा खिलाड़ी निकी प्रसाद की जमकर तारीफ की। निकी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मैच में भारत के लिए डेब्यू किया। मैच में भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया था। ऐसे समय में निकी ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को मुश्किल स्थिति से उबरने में मदद की। उनके प्रदर्शन की बदौलत भारत ने यह मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। दीप्ति ने निकी के खेल की सराहना करते हुए उनके प्रदर्शन को शानदार बताया।
117 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। टीम के शुरुआती बल्लेबाज जल्दी आउट हो गए। इससे भारत ने सिर्फ 19 रन पर अपने चार विकेट गंवा दिए और टीम मुश्किल में पड़ गई। इसके बाद निक्की प्रसाद और दीप्ति शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को मुश्किल से बाहर निकाला। निक्की ने 35 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाए, जबकि दीप्ति ने 37 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। दोनों के बीच 63 गेंदों पर 82 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसकी बदौलत भारत ने लक्ष्य हासिल कर मैच जीत लिया।
दीप्ति ने कहा,”निकी ने बहुत अच्छा खेला। सच कहूं तो, बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगा कि वह अपना पहला मैच खेल रही थीं। ऐसा लगा मानो उन्होंने पहले भी देश के लिए कई मैच खेले हों।” उन्होेंने मैच के बाद, “एक युवा खिलाड़ी का यह आत्मविश्वास वाकई काबिले तारीफ है-जब टीम को जरूरत थी, तब उसने एक साझेदारी बनाई और मुश्किल स्थिति से मैच जिताया। मुझे यकीन है कि इस मैच से उसे काफी आत्मविश्वास मिलेगा।”
जिम्बाब्वे की स्पिन गेंदबाज न्याशा ग्वांजुरा ने भारतीय टॉप ऑर्डर को जल्दी आउट करके टीम को बड़ा झटका दिया। उन्होंने कप्तान स्मृति मंधाना को 9 रन, शेफाली वर्मा को 4 रन और अनुष्का शर्मा को भी 4 रन पर पवेलियन भेज दिया। वहीं, मिशेल मावुंगा ने भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर को सिर्फ 1 रन पर आउट कर दिया। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से भारतीय टीम मुश्किल में आ गई थी।
दीप्ति शर्मा ने कहा कि भारतीय टीम आक्रामक अंदाज में खेलना जारी रखेगी। उन्होंने शुरुआती विकेट जल्दी गिरने पर कहा कि भारतीय खिलाड़ी जिम्बाब्वे के गेंदबाजों से ज्यादा परिचित नहीं थे। ऐसे में बल्लेबाजी के दौरान मुश्किलें आ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट में कई बार किस्मत विरोधी टीम का साथ देती है। मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत में दीप्ति ने कहा, “बेशक, हम आक्रामक क्रिकेट खेलना चाहते हैं और यह बात हमारे दिमाग में थी।”
उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कभी-कभी ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं, जिन्हें खिलाड़ी अपने हिसाब से नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि कोई भी खिलाड़ी हर बार अपनी मर्जी के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकता। हालांकि, टीम हर पारी और मैच से कुछ न कुछ सीखती है। दीप्ति को भरोसा है कि पहले मैच में जो गलतियां हुईं, वे अगले मैच में नहीं दोहराई जाएंगी।