America: इलिनोइस के हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश का मामला गरमाया, FBI से जांच की मांग

America:  ‘यूएस कांग्रेसनल कॉकस ऑन इंडिया’ ने मांग की कि एफबीआई और न्याय विभाग, इलिनोइस के हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कथित साजिश की एक ‘फेडरल हेट क्राइम’ के तौर पर गहन जांच करें। अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच और एफबीआई निदेशक काश पटेल को लिखे एक पत्र में ‘हाउस इंडिया कॉकस’ ने मांग की है कि जांच में ये पता लगाया जाए कि क्या किसी ने 19 साल के हमलावर को ऑनलाइन या ऑफलाइन तरीके से उकसाया, उसकी मदद की, या उसके साथ मिलकर काम किया।

कांग्रेस सदस्य रिच मैककॉर्मिक और हाउस इंडिया कॉकस’ के सह-अध्यक्ष रो खन्ना ने पत्र में कहा, “ये साजिश अलग-थलग होकर सामने नहीं आई है, बल्कि ये व्यापक और चिंताजनक प्रवृत्तियों को दर्शाती है।” कानून निर्माताओं ने एफबीआई और न्याय विभाग से कहा कि वे इस नाकाम साजिश की एक संभावित संघीय ‘हेट क्राइम’ (नफरत से प्रेरित अपराध) के तौर पर जांच करें और सबूतों के आधार पर सभी आरोप तय करें।

उन्होंने एफबीआई और न्याय विभाग से ये भी कहा कि वे “खतरे से जुड़ी जानकारी समय रहते राज्य, स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और हिंदू मंदिरों, सिख गुरुद्वारों और दक्षिण एशियाई समुदायों के अन्य पूजा-स्थलों के साथ साझा करें और उन्हें सुरक्षा के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराएं।” कांग्रेस सदस्यों ने ब्लैंच और पटेल से ये भी कहा कि वे कॉकस को हिंदू अमेरिकियों और भारतीय अमेरिकियों के सामने मौजूद खतरों और इन खतरों से निपटने के लिए विभाग और एफबीआई द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में जानकारी दें।

पत्र में कहा गया है कि एफबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में सिख, हिंदू और बौद्ध समुदायों को निशाना बनाने वाले हेट क्राइम (नफरत से प्रेरित अपराधों) की रिपोर्ट में बढ़ोतरी हुई है। ‘सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गेनाइज्ड हेट’ ने पाया कि जनवरी 2024 और जून 2026 के बीच ‘एक्स’ पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली पोस्ट में लगभग 240 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

कार्नेगी एंडोमेंट के 2026 के सर्वे में हर चार भारतीय-अमेरिकी वयस्कों में से एक ने बताया कि 2025 की शुरुआत से उन्हें अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा है। ऑरोरा में हमले की कोशिश इस बात को रेखांकित करती है कि बढ़ती हुई ये शत्रुता कितना वास्तविक खतरा पैदा करती है। रिच मैककॉर्मिक और खन्ना ने कहा, “हर अमेरिकी को बिना किसी डर के पूजा-अर्चना करने का अधिकार है। हम आपसे अपील करते हैं कि आप इस मामले को और इसके पीछे छिपी नफरत को उतनी ही गंभीरता से लें जितनी कि ये मांग करती है।”

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