India Telecom: भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता- संचार मंत्री सिंधिया

India Telecom:  संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि एक ‘‘खास’’ कंपनी की काफी चर्चा हो रही है, लेकिन वास्तविकता यह है कि तीन कंपनियों को उपग्रह संचार (सैटकॉम) लाइसेंस मिल चुके हैं और वे सुरक्षा संबंधी शर्तों तथा निर्धारित लक्ष्यों को अलग-अलग पूरा करने के बाद परिचालन शुरू कर सकती हैं।

उपग्रह संचार सेवाओं को लेकर जारी विवाद और अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क के आरोपों के बीच उन्होंने यह टिप्पणी की है। मस्क ने दावा किया है कि कुछ प्रभावशाली कारोबारी समूह उनकी कंपनी स्टारलिंक की उपग्रह संचार सेवाओं को शुरू होने से रोक रहे हैं। मस्क ने आरोप लगाया था कि ये समूह ‘‘भारतीय लोगों पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं।’’

सिंधिया ने कहा कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता। मंत्री ने यहां ‘इंडिया मोबाइल कांग्रेस’ में संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं स्थिति स्पष्ट करना चाहता हूं। दूरसंचार विभाग के लिए हम प्रौद्योगिकी के मामले में तटस्थ हैं। हमारा काम हर ग्राहक को सेवाओं के व्यापक विकल्प उपलब्ध कराना है। खुले बाजार में ग्राहक को यह चयन करना होगा कि वह कौन-सी सेवा पसंद करता है और उन विकल्पों में से किस कंपनी की सेवा लेना चाहता है।’’

सिंधिया ने कहा कि मस्क की स्टारलिंक, रिलायंस जियो की उपग्रह सेवा इकाई जियो सैटकॉम और भारती समर्थित यूटेलसैट वनवेब को लाइसेंस मिल चुके हैं। वहीं, अमेजन की कुइपर ने इस क्षेत्र में रुचि दिखाई है और उसे निर्धारित प्रक्रिया से गुजरना होगा। मंत्री ने कहा कि एक खास कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन सैटकॉम के लाइसेंस तीन सेवा प्रदाताओं को मिले हैं।

सिंधिया ने कहा, ‘‘हमारा रुख बिल्कुल स्पष्ट है। तीन कंपनियों को लाइसेंस मिले हैं। सरकार जब राजस्व आधारित शुल्क व्यवस्था तय कर देगी, तब उन्हें स्पेक्ट्रम आवंटित किया जाएगा। इसके बाद जब वे अलग-अलग सुरक्षा शर्तों को पूरा कर लेंगी, तब परिचालन शुरू कर सकती हैं।’’ संचार मंत्री ने कहा कि भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और दूरसंचार विभाग ‘सैटकॉम स्पेक्ट्रम’ की मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर अंतिम निर्णय के करीब हैं।

राहुल गांधी और एलन मस्क के बीच सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हुई बातचीत की पृष्ठभूमि में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘जहां तक कांग्रेस पार्टी की बात है, मुझे नहीं लगता कि उसे खुद पता है कि वह बाएं जा रही है या दाएं।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शुरुआत में ‘‘एक खास व्यक्ति को लाइसेंस मिलने पर आपत्ति थी और अब उसे इस बात पर आपत्ति है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘अब वे उसी व्यक्ति के साथ मिलकर सवाल उठा रहे हैं कि उसे लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा।’’ सिंधिया ने कहा, ‘‘इसलिए मुझे नहीं पता कि कांग्रेस को खुद स्पष्टता है या नहीं कि वह किस दिशा में जा रही है, लेकिन कांग्रेस के साथ ऐसा होना अपेक्षित है।’’ इस मुद्दे पर बृहस्पतिवार को भारत सरकार और मस्क के बीच तीखी बयानबाजी हुई थी। दूरसंचार विभाग ने उन आरोपों को खारिज कर दिया था कि घरेलू कारोबारी हितों के कारण स्टारलिंक की उपग्रह इंटरनेट सेवाओं को शुरू होने से रोका जा रहा है। इसके बाद प्रौद्योगिकी क्षेत्र के अरबपति कारोबारी मस्क ने सवाल किया था कि क्या ‘‘अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं।’’

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