Gaza war: इजराइल में सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले हमले की तीसरी वर्षगांठ पर लोग शोक मना रहे हैं। इस हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था। इसके बाद गाजा में विनाशकारी युद्ध शुरू हुआ, जिसका असर फलस्तीनी अब भी झेल रहे हैं। दक्षिणी इजराइल में बुधवार को लोग उन स्थानों पर शोक मनाएंगे जहां हमले हुए थे, जिनमें चौराहे, बम आश्रय स्थल और वह संगीत समारोह स्थल शामिल है, जहां हमास के नेतृत्व वाले लड़ाकों ने धावा बोला था।
यह इस हमले की पहली वर्षगांठ है जब सभी बंधकों के लौट आने के बाद अब परिवार एक अलग तरह की पीड़ा से गुजर रहे हैं। फलस्तीनियों के लिए यह वर्षगांठ गाजा में इजराइल के जवाबी सैन्य अभियान के परिणामों का एक और दिन है। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 74,000 से अधिक फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। करीब 20 लाख की आबादी में अधिकांश लोग बदहाल तंबू शिविरों में रह रहे हैं और गाजा पट्टी के कई शहरों का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो चुका है।
युद्धविराम के बावजूद इजराइली हमले लगभग रोज जारी हैं। 10 अक्टूबर से लागू युद्धविराम के बाद भी गाजा में 1,145 फलस्तीनी मारे गए हैं, जबकि सात इजराइली सैनिकों की मौत हुई है। हमले में बंधक बनाए गए 37 साल के एल्काना बोहबोट के लिए यह पहली बार है जब वो इस हमले की वर्षगांठ के वक्त इजराइल में मौजूद हैं। वो 738 दिन तक बंधक रहने के बाद पिछले वर्ष रिहा हुए थे।
उन्होंने बताया कि कैद के दौरान उन्हें लंबे समय तक जमीन के करीब 50 मीटर नीचे एक अंधेरी सुरंग में रखा गया। इस वर्षगांठ पर पश्चिम एशिया में पिछले तीन वर्षों में आए व्यापक बदलाव भी स्पष्ट हैं। इजराइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष के दौरान दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर इजराइली सैनिकों का कब्जा है।
वहीं इजराइल ने सीरिया और लेबनान में भी बड़े भूभाग पर कब्जा किया है। इस बीच, इजराइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में हिंसा बढ़ी है, जहां इजराइल की दक्षिणपंथी सरकार के समर्थन से कट्टरपंथी बाशिंदे फलस्तीनियों पर हमले कर रहे हैं और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।