Jammu: दशहरा नजदीक आ रहा है। देश भर की तरह जम्मू में भी रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने का काम जोरों पर है। कारीगर बड़े-बड़े ढांचों को आकार देने और रंगने में जुटे हैं। इन पुतलों को त्योहार के दिन जलाया जाएगा।
कई कारीगर महीनों पहले से ये काम शुरू कर देते हैं। ये हुनर उन्हें पीढ़ियों से विरासत में मिला है। विशाल पुतले बनाने का काम अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर करते हैं। वे साथ मिल कर पारंपरिक कला को जिंदा रखे हुए हैं।
भारी संख्या में ऑर्डर मिलने से कारीगर व्यस्त हैं। वे दशहरा से पहले आम लोगों के उत्साह के साथ तालमेल बिठाने में जोर-शोर से जुटे हैं। कारीगरों की मेहनत दशहरा के ऑर्डर पूरा करने से कहीं ज्यादा हैं।
उनका मकसद दशकों पुरानी कला को जिंदा रखना भी है, जिसमें अलग-अलग समुदायों के लोग साथ मिलकर काम करते हैं, इस साल दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा।