Congress: कांग्रेस कार्य समिति, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की रणनीति बनाने के लिए बैठक करेगी

Congress:  कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने को पार्टी की कार्य समिति की बैठक बुलाई है। इस बैठक में चुनाव आयोग के “अंदरूनी मतभेदों” पर चर्चा होगी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए खरगे ने कहा कि चुनाव आयुक्तों ने चुनाव आयोग के कामकाज के तरीकों की पोल खोल दी है। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर), नए वोटरों को जोड़ने के लिए फॉर्म 6 में बदलाव, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-हटाने और वोटर रोल डेटाबेस पर सेंट्रलाइज़्ड कंट्रोल जैसे मुद्दों पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि ये मामला बहुत गंभीर है और देश में लोकतंत्र के अस्तित्व से जुड़ा है, इसलिए इसे प्राथमिकता के साथ उठाया जाना चाहिए। खरगे ने कहा, “मैंने कल के लिए कार्य समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें हम इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और कमेटी के सभी सदस्य अपने सुझाव देंगे।

उन्होंने कहा, “हम इस मामले को गंभीरता से उठाएंगे। ये मुद्दा पूरे देश, हमारे लोकतंत्र के अस्तित्व और देश के भविष्य से जुड़ा है। इसीलिए हम इस मामले को लेकर बहुत गंभीर हैं।” उन्होंने दावा किया, “चुनाव आयोग के अपने ही लोगों ने उनकी पोल खोल दी है। केरलम के एक पूर्व मुख्य सचिव ने भी कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने खुद उनसे चुनाव लड़ने के लिए कहा था। इसका मतलब है कि वो बीजेपी की विचारधारा को आगे बढ़ा रहे हैं और बीजेपी कार्यकर्ता बन गए हैं।”

कांग्रेस प्रमुख ने कहा, “ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा दे देना चाहिए।उनके इस्तीफे के बाद भी हमें उनके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।” खरगे की अध्यक्षता में होने वाली कार्य समिति की बैठक में पार्टी के पूर्व प्रमुख राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपनी मांग को लेकर दबाव बढ़ाने और इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाएगी।

उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एसआईआर के दौरान ‘जेन जी’ को बाहर करने के लिए निशाना बनाया जा रहा है और उसने अपनी इस मांग पर जोर दिया है कि कुमार को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इस बीच विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन भी बुधवार को इस मुद्दे पर संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बैठक करेगा और संसद में मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार को हटाने के लिए एक और नोटिस पेश कर सकता है।

एसआईआर प्रक्रिया को लेकर अपने दो आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवालों के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे चुनाव आयोग ने कहा है कि किसी भी संस्था में विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय और टिप्पणियां होना एक सामान्य बात है और उसके सभी आदेशों को पूरी कानूनी मान्यता प्राप्त है तथा वे स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हैं।

चुनाव आयोग ने कहा कि सभी एसआईआर आदेशों को तीनों आयुक्तों की आम सहमति मिली थी और वोटर एनरोलमेंट के लिए फॉर्म 6 में किए गए बदलावों को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया था। आयोग ने ये बात चुनाव पैनल में फैसले लेने के तरीके पर चल रहे विवाद और वोटर लिस्ट से वोटरों के नाम हटाए जाने को लेकर जताई जा रही चिंताओं के बीच कही। आयोग ने एसआईआर के तहत कई उपायों की घोषणा की, जिनमें दावे दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय, चुनाव अधिकारियों का घर-घर जाकर दौरा करना और वोटर लिस्ट से नाम हटाने के नोटिस का सामना कर रहे लोगों के लिए हेल्प डेस्क बनाना शामिल है।

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