Delhi: बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान में एनजीओ की भागीदारी पर जोर, सीएम रेखा गुप्ता ने दिए निर्देश

Delhi:  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली को बाल भिक्षावृत्ति से मुक्त करना आवश्यक है। बच्चों को भिक्षावृत्ति से बाहर निकालकर शिक्षा, कौशल और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग को बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान को जनभागीदारी से मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में इच्छुक गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), सिविल सोसायटी संगठनों (सीएसओ) और आरडब्ल्यूए को जोड़ा जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर बच्चों तक पहुंच बढ़ाई जा सके।

इस बैठक में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. ओ. पी. व्यास, आयोग के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पॉस्को के प्रति जागरूकता अभियान को लगातार चलने वाली गतिविधि बनाने की सलाह दी। उन्होंने स्कूलों में कार्यरत स्टाफ के साथ-साथ स्कूल बस और वैन के चालकों, अटेंडेंट व सफाई कर्मचारियों आदि का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

Delhi:

सीसीआई में रह रहे बच्चों के भविष्य और पुनर्वास पर विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) में रह रहे बच्चों के भविष्य को लेकर विस्तृत जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोग से ऑफ्टर केयर में रहने वाले बच्चों की सूची तैयार कर अपने कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा। सूची में बच्चे का नाम, आयु, संबंधित संस्थान, वहां रहने की अवधि, शिक्षा एवं योग्यता और अर्जित कौशल जैसी जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि संस्थानों से बाहर आने वाले बच्चों को केवल आश्रय देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। इच्छुक बालिकाओं को परिवहन विभाग के माध्यम से ऑटो और बालकों को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया जा सकता है ताकि वे सम्मानजनक आजीविका शुरू कर सकें।

स्कूलों के पोषण आहार व्यवस्था पर नजर रखी जाए

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आयोग को राष्ट्रीय पोषण माह के दौरान स्कूलों में मिड-डे मील तैयार करने वाली रसोइयों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर कमी सामने आने पर उसकी तत्काल जानकारी दी जाए। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों और पालना केंद्रों की सुविधाओं तथा वहां बच्चों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के व्यवहार की समीक्षा के लिए इंटर्न के माध्यम से रिपोर्ट तैयार कराने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सरकारी और निगम स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए करियर गाइडेंस की व्यवस्था को भी बढ़ावा देने की सलाह दी।

Delhi:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *