BRICS Summit: नाइजीरिया की उपराष्ट्रपति शेट्टीमा 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने दिल्ली पहुंचे

BRICS Summit: नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टीमा शुक्रवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। नाइजीरिया को बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम के साथ BRICS के साझेदार देश का दर्जा प्राप्त है। इससे पहले नाइजीरिया की विदेश मंत्री बियांका ओडुमेग्वु-ओजुक्वु भी शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुकी हैं।

इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी नई दिल्ली पहुंचे। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे, जहां केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने उनका स्वागत किया। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो भी नई दिल्ली पहुंचीं। दोनों नेताओं का स्वागत कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने किया। दक्षिण अफ्रीका BRICS का सदस्य देश है, जबकि युगांडा 10 साझेदार देशों में शामिल है।

इस बीच, उरुग्वे के विदेश मंत्री मारियो लुबेटकिन और फिलीपींस की विदेश सचिव मारिया थेरेसा पी. लाजारो भी शिखर सम्मेलन से पहले नई दिल्ली पहुंचीं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। उनके आगमन पर केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और प्रथम उपप्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव भी सुबह नई दिल्ली पहुंचने वाले प्रमुख रूसी प्रतिनिधियों में शामिल रहे।

एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की अध्यक्ष जू जियायी भी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचीं। भारत अपनी 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। भारत की अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है, जिसमें विकास, स्थिरता और नवाचार को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।

BRICS प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच समन्वय और बहुपक्षीय संस्थानों में ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। इसके एजेंडे में विकास, वित्त, प्रौद्योगिकी, व्यापार और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय शामिल हैं। वर्तमान में BRICS समूह में 11 देश—ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात—शामिल हैं।

भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता से जुड़ी पृष्ठभूमि जानकारी के अनुसार, BRICS सदस्य देश मिलकर दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, वैश्विक GDP के लगभग 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत की BRICS अध्यक्षता ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया आर्थिक विखंडन, तकनीकी बदलाव, भू-राजनीतिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और संसाधनों पर बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।

विस्तारित BRICS समूह विकास, जलवायु कार्रवाई, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और वित्तीय मजबूती जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए मंच प्रदान करता है। साथ ही, यह वैश्विक संस्थानों में सुधार से जुड़े विमर्श को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत के लिए 2026 की अध्यक्षता का मुख्य उद्देश्य BRICS के विस्तारित प्रतिनिधित्व को सार्थक सहयोग और ठोस परिणामों में बदलना, विभिन्न देशों के बीच सहमति बनाना तथा मौजूदा तंत्रों की प्रभावशीलता को मजबूत करना है।

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