America: अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने अपने युद्धपोतों पर हुए ताजा हमलों के जवाब में ईरान के पांच तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया। इसके बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। छह महीने से अधिक समय से जारी युद्ध में दोनों पक्षों के बीच जवाबी हमलों की यह ताजा कड़ी है, जिससे दोनों देश एक बार फिर लड़ाई की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं।
ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी हमलों के बाद तेहरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों ने उसके क्षेत्र की ओर दागी गई 18 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया, जबकि दो अन्य मिसाइलें ऐसे स्थानों पर गिरीं जहां कोई आबादी नहीं थी। सेना ने कहा कि उसे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
जॉर्डन अमेरिका का घनिष्ठ सहयोगी है और वहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसी वजह से जॉर्डन के सैन्य ठिकाने ईरान के हमलों का बार-बार निशाना बन रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। सेंट्रल कमांड ने बताया कि सेना ने मंगलवार को ईरान के टैंकरों पर हमला किया था, क्योंकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पिछले दो दिनों में दो बार बैलिस्टिक मिसाइलों से अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाया था।
सेंट्रल कमांड ने एक बयान में कहा, ‘‘अमेरिकी युद्धपोत ने ईरान के हमले के प्रयासों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया और क्षेत्रीय जलक्षेत्र में गश्त जारी रखी। किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को नुकसान नहीं पहुंचा।’’
उसने बताया कि नष्ट किए गए ईरानी तेल टैंकरों में ओमान की खाड़ी में मौजूद ‘किविक’, ‘चारमीनार’, ‘होराइजन-1’ और ‘रिस्को’ शामिल थे। अमेरिकी सेना ने ‘दर्या’ नामक पोत को भी नष्ट कर दिया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में खार्ग द्वीप के पास था। बयान में कहा गया कि हमलों से पहले पांचों पोतों के चालक दल को जहाज छोड़ने के लिए कहा गया था। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी अमेरिकी हमलों की जानकारी दी। उसने बताया कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी बंदरगाह जास्क और फारस की खाड़ी में खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकरों पर हमला किया। उसने कहा कि टैंकरों के चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया।