Uttarakhand: उत्तराखंड में नैनीताल जिले में ज्योलीकोट के पास पांच गांवों में करीब 200 लोग पीलिया, बुखार और दस्त से पीड़ित हैं। रविवार को दो लोगों की मौत भी हो गई। वजह है पीने का दूषित पानी। गांव वालों का कहना है कि पानी का संकट 25 जून से चल रहा है। इससे 15 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं और कई लोग बीमार पड़ गए हैं।
इलाज पर हजारों रुपयों का खर्च गांववालों की मुश्किलें और बढ़ा रहा है। गांव वालों का आरोप है कि बारिश से सीवर लाइनें टूट-फूट गई हैं। पेयजल की सप्लाई दूषित होने की यही वजह हो सकती है।
उनका कहना है कि पिछले दो महीनों में उन्होंने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन किसी ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। नैनीताल के बीडी पांडेय अस्पताल के अधिकारियों का कहना है कि जियोलीकोट के आस-पास के इलाकों से 11 नए मरीज भर्ती किए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिया कि हालात पर नजर रखी जा रही है।
मौतों और बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस सिलसिले में नैनीताल हाई कोर्ट में सोमवार को एक जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में ग्रामीणों को साफ पानी न मिल पाने की समस्या को उठाया गया और प्रभावित परिवारों के लिए तुरंत राहत की मांग की गई।