Haridwar: हरिद्वार में आज सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। देवपुरा चौक पर आयोजित ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरने’ में भाजपा के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता पहुंचे। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कैबिनेट मंत्री खजान दास की मौजूदगी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर जातीय मुद्दों को राजनीतिक रूप देने और समाज में विभाजन की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक भाईचारे और आपसी सौहार्द की रही है, इसलिए राजनीतिक स्वार्थ के लिए जाति के नाम पर विवाद खड़ा करना उचित नहीं है।
देवपुरा चौक पर जुटे भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम से जुड़े कथित मंच शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। भाजपा का कहना है कि हल्द्वानी की घटना को कांग्रेस जिस तरह से उठा रही है, उससे प्रदेश में जातीय तनाव को बढ़ावा मिल सकता है। इसी के विरोध में भाजपा ने धरना देकर सामाजिक समरसता और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।
धरने के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में समाज के सभी वर्गों के बीच लंबे समय से आपसी सहयोग और भाईचारे की परंपरा रही है। उनका आरोप है कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए इस संवेदनशील मुद्दे को जातीय रंग देने का प्रयास कर रही है। वहीं, इस पूरे विवाद को लेकर कांग्रेस का रुख भाजपा से बिल्कुल अलग है। कांग्रेस की ओर से हल्द्वानी में सामने आए कथित मंच शुद्धिकरण मामले को दलित सम्मान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यानी एक ही घटना को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दावे बिल्कुल अलग हैं। भाजपा इसे जातीय राजनीति और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर कांग्रेस पर हमला कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे सामाजिक सम्मान और न्याय का मुद्दा बता रही है। फिलहाल, हल्द्वानी के कथित मंच शुद्धिकरण विवाद ने उत्तराखंड की सियासत को गरमा दिया है। हरिद्वार में भाजपा के प्रदर्शन के बाद अब देखना होगा कि कांग्रेस की ओर से इस पर क्या पलटवार सामने आता है।