Mathura: भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माने जाने वाले पवित्र शहर मथुरा को जन्माष्टमी के लिए सजाया-संवारा जा रहा है। पवित्र नगरी के 22 प्रमुख चौराहों पर फूलों से सजावट की गई है, साथ ही सेल्फी प्वाइंट भी बनाए गए हैं। शाम होते ही शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा जाता है। इस दौरान उत्सव का माहौल देखने लायक होता है। जिला प्रशासन पर्यावरण के प्रति जागरूकता को ध्यान में रखते हुए जन्माष्टमी का पर्व मनाने की तैयारियों में जुटा है।
नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि “प्रमुखता से सारे जितने प्रवेश मार्ग है हमने उसका मरम्मत कराके उसमें फसाड लाइटिंग, डेकोरेटिव लाइट को और अस्थायी प्रकाश व्यवस्था को उसके संबंध में व्यवस्था करी है। इसके अतिरिक्त विशेष सफाई अभियान हमारा 24 घंटे विशेष दस्ते लगे हैं, जो तीन पालियों में लगेगी। माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया था कि प्लास्टिक-मुक्त जन्माष्टमी 2026 का आयोजन किया जाए। इसी संबंध में सारे भंडारा आयोजक की बैठक दो बार कर ली गई और उसके अतिरिक्त सबको ये निर्देश दिया गया है और अनुरोध किया गया है कि इस बार प्लास्टिक-मुक्त भंडारे का आयोजन करें। अपने विभिन्न भंडारे में दो डस्टबिन लगभग बड़े-बड़े लगाए। हमारे डोर टू डोर कलेक्शन की जो गाड़ियां आएगी समय-समय पर उन्हीं में कूड़े का प्रवाह करें। उसके अतिरिक्त इधर-इधर कूड़ा ना फेंके और प्लास्टिक का प्रयोग ना करें।”
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के इस पर्व से पहले ही श्रद्धालुओं का मथुरा पहुंचना शुरू हो गया है। शहर में की गई तैयारियों और व्यवस्थाओं को देखकर श्रद्धालु काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं और इंतजामों की सराहना कर रहे हैं।
इस साल जन्माष्टमी शुक्रवार यानी चार सितंबर को मनाई जाएगी। मथुरा और उसके आस-पास के इलाकों का जन्माष्टमी से खास नाता है, मथुरा को भगवान कृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है, जबकि पास के वृंदावन, गोकुल और ब्रज के बाकी हिस्सों का संबंध उनके बचपन और शुरुआती जीवन से जुड़ा है, हर साल जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं।