UP floods: उत्तर प्रदेश में बाढ़ से अब तक कुल 35 जिले प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 23 जिले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। अधिकारियों ने बताया कि अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जिनमें से 3,042 लोगों को बुधवार को बचाया गया। बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें प्रतापगढ़ में 18 महीने का प्रियांश और अमरोहा के गजरौला में 32 वर्षीय शेरा और 55 साल के सुरेश हैं।
सरकार ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,499 नावें और मोटरबोट तैनात की गई हैं, जबकि 1,067 मेडिकल टीमें सेवा में लगाई गई हैं। कहा गया कि प्रभावित जिले अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदांयू, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मोरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी हैं।
सरकार ने 1,311 बाढ़ आश्रय स्थल बनाए हैं, जिनमें से 201 वर्तमान में चालू हैं। राहत एजेंसियों ने क्षतिग्रस्त घरों से जुड़े 442 मामलों में भी सहायता दी है, जबकि 36,287 पशुधन प्रभावित हुए हैं। चित्रकूट में, 42वीं बटालियन PAC की मोटरबोट की मदद से मंदाकिनी नदी के किनारे बसे चौरा गांव से लगभग 150 लोगों को बचाया गया। बचाए गए लोगों को खाना, राहत का सामान और मेडिकल मदद भी दी गई।
बलिया में, गंगा और सरयू नदियों का जलस्तर बढ़ने से लगभग 20,500 लोग प्रभावित हुए हैं। 83 नावें तैनात की गई हैं, और साथ ही 6,500 राशन किट, 33,843 दवा किट और 83,092 पके हुए खाने के पैकेट बांटे गए हैं। कुल 16,629 पशुओं का टीकाकरण किया गया है और 965 क्विंटल चारा उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ चौकियां, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) और PAC की टीमें भी तैनात की गई हैं।