PM Modi: प्रधानमंत्री मोदी ने मध्य एशिया के दो देशों उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की अपनी हालिया यात्रा के दौरान वहां के नेताओं को महाभारत का अंग्रेजी अनुवाद, लद्दाखी कंबल और चंदन की लकड़ी से बनी ‘शत-तंत्री वीणा’ उपहार में दिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उपहार में प्रीमियम कांगड़ा चाय के दो डिब्बे, बनारसी सिल्क स्टोल, संगमरमर का नक्काशी वाला एक डिब्बा और चांदी का एक उत्कृष्ट ‘ब्रोच’ (सजावटी पिन) भी शामिल था।
प्रधानमंत्री मोदी ने किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव को अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय द्वारा अनुवादित महाभारत का 10 खंड वाला अंग्रेजी संस्करण भेंट किया। मोदी ने राष्ट्रपति को ‘त्सुग-दुल’ कंबल भी भेंट किया। यह लद्दाख का एक पारंपरिक ऊनी कपड़ा है, जो अपने चटख रंगों और ज्यामितीय, फूलों व खास तरह के डिज़ाइनों के लिए जाना जाता है।
किर्गिस्तान के प्रधानमंत्री आदिलबेक कासिमालियेव को डोकरा कलाकृति ‘पारंपरिक संगीतकारों की एक जोड़ी’ भेंट की गई। मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव को चंदन की शता तंत्री वीणा (संतूर) उपहार में दिया। मिर्जियोयेव को लकड़ी के नक्काशीदार बक्से में प्रीमियम कांगड़ा चाय (कांगड़ा फर्स्ट फ्लश ब्लैक टी और कांगड़ा ग्रीन टी) के दो डिब्बे भी दिए गए।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति को शतरंज ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंदारोव की हाथ से लिखी मूल स्कोरशीट भी भेंट की गई। मोदी ने मिर्ज़ियोयेव की पत्नी को संगमरमर पर नक्काशी वाला एक डिब्बा और बनारसी सिल्क का स्टोल तोहफे में दिया। इसमें भारत की दो बेहतरीन शिल्प परंपराओं आगरा की शानदार मार्बल इनले (संगमरमर पर नक्काशी) और वाराणसी की मशहूर सिल्क बुनाई का संगम देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की बेटी को चांदी का एक बेहतरीन ब्रोच तोहफे में दिया।