Rahul gandhi: हल्द्वानी में कथित “शुद्धिकरण समारोह” को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तकरार और बढ़ गई, बीजेपी ने विपक्षी पार्टी पर आरोप लगाया कि वो आने वाले विधानसभा चुनावों के कारण इस मुद्दे पर ओछी राजनीति कर रही है और राहुल गांधी को देश का “सबसे बड़ा दलित-विरोधी नेता” बताया।
बीजेपी की ये प्रतिक्रिया तब आई जब कांग्रेस ने सत्ताधारी पार्टी पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर तीखा हमला बोला। ये एफआईआर उत्तराखंड में उस जगह पर हुए “शुद्धिकरण” समारोह पर गांधी की हालिया टिप्पणियों के कारण दर्ज की गई थी, जहां पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (जो दलित हैं) ने एक रैली को संबोधित किया था।
गांधी ने आरोप लगाया था कि ये छुआछूत का ही एक रूप था। हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर शनिवार को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस नेता ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक “धार्मिक अनुष्ठान” को जातिवादी रंग दिया। कांग्रेस ने संकल्प लिया कि जब तक असली दोषियों को सजा नहीं मिल जाती और इस “बेबुनियाद एफआईआर को कूड़ेदान में नहीं फेंक दिया जाता”, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। मुख्य विपक्षी पार्टी ने ये भी कहा कि वो एफआईआर दर्ज किए जाने का लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से मुंहतोड़ जवाब देगी।
पलटवार करते हुए बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर “ओछी राजनीति” कर रही है, क्योंकि पार्टी जानती है कि 2027 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों के अगले दौर में उसे हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ये भी सवाल उठाया कि गांधी को ये मुद्दा उठाने में तीन हफ्ते क्यों लगे और आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने कई बार खरगे का अपमान किया है।
उन्होंने कहा, “उनका (खरगे का) आरोप सही है या गलत, ये अलग बात है, लेकिन राहुल गांधी को इसकी कोई परवाह नहीं थी। वे तीन हफ्ते तक सोते रहे।” इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए, भाटिया ने यहां बीजेपी मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भारत में राहुल गांधी से ज्यादा गैर-जिम्मेदार, दलित-विरोधी और पिछड़े वर्गों के विरोधी नेता कभी कोई नहीं रहा।”
पुलिस ने बताया कि समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर किए गए कामों से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अलग-अलग धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को भी शामिल किया गया है।
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “राहुल गांधी के पास दुनिया घूमने का समय था। जब दलित समुदाय का कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो राहुल गांधी उसे गंभीरता से नहीं लेते। अब वे ये दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें पिछड़ी जातियों के लोगों की परवाह है।” उन्होंने आगे कहा, “ऐसा लगता है कि गांधी ने ये मुद्दा तभी उठाया जब खरगे ने उनसे कहा कि जब उनका मुद्दा उठाया ही नहीं जा रहा है, तो कांग्रेस में रहने का क्या मतलब है।”