West Bank: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे और कनाडा ने वेस्ट बैंक के संवेदनशील E1 क्षेत्र में लगभग 1,200 से अधिक नए आवास निर्माण के लिए इजराइल द्वारा टेंडर जारी करने की कड़ी निंदा की है। एक संयुक्त बयान में उन्होंने इस कदम को ‘अस्वीकार्य’ बताया और इजराइल से अपनी योजनाओं को तुरंत वापस लेने की मांग की।
बयान में कहा गया है,”अंतरराष्ट्रीय समुदाय लंबे समय से बस्तियों के इस विस्तार का विरोध करता रहा है और उसने निजी और सार्वजनिक रूप से अपनी गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं।E1 बस्ती वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांटकर और फिलिस्तीनी इलाकों की भौगोलिक अखंडता को नुकसान पहुंचाकर ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ (दो-देश समाधान) की संभावना को कमजोर कर देगी।”
बयान में यह भी कहा गया कि वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियां गैर-कानूनी हैं। सरकार से इन टेंडरों को तुरंत वापस लेने और वेस्ट बैंक में विस्तार की योजनाओं को खत्म करने की अपील की गई और ‘टू-स्टेट सॉल्यूशन’ (दो-देश समाधान) के जरिए स्थायी शांति कायम करने की बात कही गई है।
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन साअर ने ब्रिटेन के विदेश मंत्री के उस बयान को “अस्वीकार्य” और “एकतरफा” बताते हुए खारिज किया, जिसमें E1 सेटलमेंट प्रोजेक्ट को ‘अस्वीकार्य और विनाशकारी’ बताया गया था। गिदोन साअर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा,” जैसे ब्रिटिश लोगों को लंदन और पूरे यूनाइटेड किंगडम में रहने का अधिकार है, वैसे ही यहूदी लोगों को भी इजराइल की ज़मीन पर कहीं भी रहने का अधिकार है।”