Pakistan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सुबह इस्लामाबाद के एक निजी अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद वापस रावलपिंडी की अदियाला जेल भेज दिया गया; उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जेल से अस्पताल ले जाया गया था।
73 साल के खान को आधी रात के बाद शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया गया। ये कदम कोर्ट के 18 अगस्त के उस आदेश के तहत उठाया गया, जिसमें उन्हें दो दिनों के भीतर वहां ट्रांसफर करने का आदेश दिया गया था। कोर्ट के सामने पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया था कि वो “लेवल थ्री प्लस” एंग्जायटी (चिंता) से जूझ रहे हैं। लेवल 3 प्लस एंग्जायटी का मतलब है बहुत ज्यादा या गंभीर एंग्जायटी, जिसमें चिंता रोजमर्रा के कामों पर हावी हो जाती है, शरीर पर बहुत अधिक तनाव डालती है और स्पष्ट सोचने की क्षमता को प्रभावित करती है।
सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट में पुष्टि की कि अस्पताल में जांच के बाद पूर्व प्रधानमंत्री को वापस अदियाला जेल ले जाया गया। उन्होंने पद से हटाए गए प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कहा कि पूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें “सुबह लगभग पांच बजे” वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। इससे पहले खान की पार्टी ने पुष्टि की थी कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक को अडियाला जेल से शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है।
खान को रावलपिंडी की अडियाला जेल में रखा गया था, जो छावनी वाले शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक डिटेंशन सेंटर है। उन्हें पांच अगस्त, 2023 को भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे हिरासत में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने बीते मंगलवार को आदेश दिया कि खान को “अगले दो दिनों के भीतर” शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल ले जाया जाए और वे 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई तक वहीं रहेंगे।
सरकार ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर आदेश की समीक्षा और उसे वापस लेने की मांग की। हालांकि, कोर्ट के रजिस्ट्रार ऑफिस ने कागजात अधूरे होने का हवाला देते हुए याचिका वापस कर दी। खान की पार्टी ने धमकी दी है कि अगर उन्हें गुरुवार रात 11:59 बजे तक अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया, तो वे शुक्रवार को सरकार के खिलाफ कोर्ट की अवमानना की याचिका दायर करेंगे।
राजनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने गुरुवार को दावा किया कि खान को अस्पताल ले जाने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं थी। इमरान खान के मामले में एक मुख्य चिंता उनकी आंखों की समस्या थी। क्रिकेटर से राजनेता बने खान को पिछले कुछ महीनों में कई बार आंखों के इलाज के लिए इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया था, जब जनवरी के आखिर में उन्हें ‘राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन’ (आंख की नस में रुकावट) की बीमारी का पता चला था। तब से उन्हें किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग तेज हो गई थी।